पितृपक्ष में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्री परशुराम सेवा सदन में हुआ विशेष अनावरण
गुवाहाटी। पितृपक्ष के पावन अवसर पर श्री नंदूजी महाराज द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की मंगल बेला में श्री परशुराम सेवा सदन में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की एक अनूठी पहल ‘राम कृष्ण मिस्टिक टैरो कार्ड’ का भव्य लोकार्पण किया गया।
इस विशेष अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों के बीच ‘राम कृष्ण मिस्टिक टैरो कार्ड’ को प्रस्तुत किया गया। इस कार्ड डेक की परिकल्पना एवं रचना डॉ. रितु अग्रवाल द्वारा की गई है। यह भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, रामायण एवं महाभारत के दिव्य पात्रों और उनके जीवन-संदेशों को आधुनिक टैरो कार्ड प्रणाली के माध्यम से जनसामान्य तक पहुँचाने का एक अभिनव प्रयास है।
भारतीय संस्कृति और टैरो परंपरा का अनूठा संगम
‘राम कृष्ण मिस्टिक टैरो कार्ड’ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विदेशी टैरो परंपराओं में प्रचलित प्रतीकों के स्थान पर भारतीय सनातन संस्कृति, रामायण और महाभारत के पात्रों एवं प्रसंगों को आधार बनाया गया है। प्रत्येक कार्ड अपने भीतर एक विशिष्ट आध्यात्मिक संदेश और जीवन-दर्शन को समेटे हुए है।
इस कार्ड डेक का उद्देश्य केवल भविष्यवाणी करना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म, आध्यात्मिकता और हमारे महान ग्रंथों के जीवन-मूल्यों को नई पीढ़ी तक सरल एवं रोचक माध्यम से पहुँचाना भी है।
बिना कठिन प्रशिक्षण के समझने योग्य
‘राम कृष्ण मिस्टिक टैरो कार्ड’ को इस प्रकार तैयार किया गया है कि इसके उपयोगकर्ता को पारंपरिक विदेशी टैरो कार्डों की तरह सैकड़ों प्रतीकों और उनके अर्थों को अलग से याद करने की आवश्यकता न पड़े। कार्ड पर दर्शाए गए भारतीय पौराणिक पात्र स्वयं अपने गुणों, जीवन-प्रसंगों और संदेशों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
इसके साथ उपलब्ध गाइडबुक में प्रत्येक कार्ड के पात्र, उनके चरित्र, संबंधित पौराणिक प्रसंग तथा कार्ड से प्राप्त होने वाले आध्यात्मिक एवं जीवनोपयोगी संदेशों का सरल विवरण दिया गया है। इससे सामान्य व्यक्ति भी बिना किसी विशेष प्रशिक्षण के कार्डों को समझने और उनका उपयोग करने में सक्षम हो सकता है।
युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
डॉ. रितु अग्रवाल के अनुसार, इस परियोजना के पीछे मुख्य उद्देश्य भारतीय युवाओं को रामायण, महाभारत, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा सनातन संस्कृति के महान आदर्शों से जोड़ना है। आज की आधुनिक जीवनशैली में जहां युवा पारंपरिक ग्रंथों से दूर होते जा रहे हैं, वहीं ऐसे रचनात्मक माध्यम भारतीय ज्ञान और संस्कारों को सहज एवं आकर्षक तरीके से नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायक हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘राम कृष्ण मिस्टिक टैरो कार्ड’ केवल एक टैरो कार्ड डेक नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान, संस्कृति और जीवन-दर्शन को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करने का प्रयास है।
श्रीकृष्ण जन्म की पावन बेला में इस कार्ड का लोकार्पण इस पहल को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्रदान करता है। श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य वातावरण में हुए इस अनावरण से उपस्थित श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।
आयोजकों ने बताया कि ‘राम कृष्ण मिस्टिक टैरो कार्ड’ के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान को देश-विदेश के लोगों तक पहुँचाने तथा विशेष रूप से युवाओं को अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।





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