रिपोर्ट: सोयल खेतान, रोहा
रोहा। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन (अभामामस) की रोहा शाखा की ओर से ‘एक शाम बुजुर्गों के नाम, बुजुर्ग हमारे धरोहर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रोहा पंचायती ठाकुरबाड़ी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ महिलाओं को आमंत्रित कर उनका आशीर्वाद लिया गया और उनके साथ समय बिताकर जीवन के अनुभव साझा किए गए।
अभामामस की राष्ट्रीय समिति की पहल के तहत देशभर की शाखाओं को वरिष्ठ महिलाओं के साथ समय बिताने और उनकी यादों व अनुभवों को जानने के लिए इस कार्यक्रम के आयोजन का निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में रोहा शाखा ने अपराह्न 3 बजे कार्यक्रम आयोजित किया।
इस दौरान वरिष्ठ महिलाओं ने अपने जीवन के यादगार पलों और पुराने समय के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने मोबाइल और आधुनिक सुविधाओं से रहित अपने दौर को याद करते हुए उस समय के खेलकूद, घरेलू कामकाज, विवाह-शादी और पारिवारिक जीवन से जुड़ी बातें बताईं।
वरिष्ठ महिलाओं ने बताया कि उस समय मसाले पीसने के लिए मिक्सी की जगह सिलबट्टे का इस्तेमाल होता था। आटा चक्की में पीसा जाता था और लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनता था। कई घरों में गायें रहती थीं और दूध से घर पर ही दही जमाया जाता था। दही को हाथों से बिलोकर घी और छाछ तैयार की जाती थी। उन्होंने बताया कि उसी घी से रोटियां पकाई जाती थीं। पुराने समय से जुड़ी इन यादों को साझा करते हुए वरिष्ठ महिलाओं ने अपने अनुभवों को ताजा किया।
वरिष्ठ महिलाओं ने अभामामस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से पुराने दिनों की यादें फिर से ताजा हो गईं। उन्होंने अभामामस की सदस्याओं को आशीर्वाद देते हुए उनके मंगलमय जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में रोहा शाखा अभामामस की अध्यक्ष नीतू शर्मा, सचिव सुनीता शर्मा, कोषाध्यक्ष सविता अग्रवाला, सदस्य माधुरी सेठिया सहित रोहा की वरिष्ठ महिलाएं उपस्थित रहीं।





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