मुल्लांपुर। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीतने के बावजूद भारतीय कप्तान शुभमन गिल टीम की तैयारियों को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज के हाथों पांच विकेट से मिली हार के बाद गिल ने साफ कहा कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अब ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं बचा है। भारत चाहता है कि अगली वनडे सीरीज से विश्व कप के लिए संभावित टीम संयोजन के साथ नियमित रूप से खेला जाए।
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भारत को अपने कई प्रमुख गेंदबाजों की गैरमौजूदगी का सामना करना पड़ा। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल एशियन गेम्स में व्यस्त थे, जबकि तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा भी दूसरे वनडे के दौरान चोटिल हो गए। ऐसे में भारत को गेंदबाजी में नए खिलाड़ियों को आजमाना पड़ा।
गिल ने कहा कि चोट और व्यस्त कार्यक्रम के कारण भारत को अब तक अपनी पसंदीदा गेंदबाजी इकाई के साथ लगातार खेलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। उनके मुताबिक, अगले विश्व कप को देखते हुए टीम को अब उपलब्ध सभी प्रमुख खिलाड़ियों के साथ अपना संयोजन तय करने पर ध्यान देना होगा। भारत की अगली वनडे सीरीज न्यूजीलैंड के खिलाफ होगी।
तीसरे वनडे में भारत ने 351 रन बनाए थे, लेकिन वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप के नाबाद 162 रन की शानदार पारी के दम पर 352 रन का लक्ष्य पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस हार ने भारतीय गेंदबाजी और फील्डिंग को लेकर सवाल खड़े किए।
गिल ने माना कि पावरप्ले और डेथ ओवरों में भारत की गेंदबाजी चिंता का विषय रही। उनका कहना था कि अगर शुरुआत में विकेट नहीं मिलते हैं तो बीच के ओवरों में दबाव बनाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने फील्डिंग पर भी नाराजगी जताई और बताया कि पूरी सीरीज में भारत ने कई कैच छोड़े, जिससे टीम की लय प्रभावित हुई।
नए गेंदबाजों अनशुल कंबोज और औकिब नबी के प्रदर्शन पर भी गिल ने प्रतिक्रिया दी। दोनों को इस सीरीज में मौका मिला, लेकिन वे अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। हालांकि गिल ने उनका बचाव करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली ही सीरीज में प्रभाव छोड़ना आसान नहीं होता और इन खिलाड़ियों को अपनी गलतियों से सीखने का समय देना जरूरी है।
गिल ने खास तौर पर अनशुल कंबोज और औकिब नबी को भविष्य की योजनाओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि नंबर-8 की भूमिका भारत के लिए महत्वपूर्ण है और ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान दे सके। यानी खराब शुरुआत के बावजूद दोनों युवा खिलाड़ियों के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।
रवींद्र जडेजा को तीसरे वनडे में आराम दिए जाने पर भी गिल ने स्पष्ट किया कि उन्हें टीम से बाहर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्व कप की परिस्थितियों और खिलाड़ियों की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं के साथ चर्चा की जाएगी और उसी आधार पर टीम तैयार की जाएगी।
भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज तो 2-1 से अपने नाम की, लेकिन तीसरे वनडे की हार ने विश्व कप की तैयारियों से जुड़े कुछ अहम सवाल सामने ला दिए हैं। गिल के बयान से साफ है कि अब भारतीय टीम का फोकस सिर्फ नए खिलाड़ियों को मौका देने पर नहीं, बल्कि विश्व कप के लिए मजबूत और संतुलित संयोजन तैयार करने पर रहेगा।





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