सिंगापुर में रहने वाले असमिया तनमय फूकन ने कहा है कि जुबीन गर्ग की मौत से जुड़ी पूरी सच्चाई कानूनी प्रक्रिया के जरिए सामने आनी चाहिए। फूकन ने 1 अक्टूबर की रात जुबीन गर्ग की मौत की जांच कर रहे एक सदस्यीय न्यायिक आयोग के सामने पेश होने के बाद पत्रकारों से बातचीत की।
फूकन ने कहा कि आयोग ने उनसे घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से सवाल किए और उन्होंने पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने जुबीन गर्ग के सिंगापुर पहुंचने से लेकर उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना तक की पूरी जानकारी आयोग के सामने रखी।
फूकन ने बताया कि वह चार दिन फास्ट-ट्रैक अदालत में पेश हुए हैं और तीन दिन एक सदस्यीय न्यायिक आयोग के सामने भी बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत के सामने सभी जरूरी जानकारी दी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया में भी सहयोग करते रहेंगे।
जांच के अंतिम निष्कर्षों के बारे में पूछे जाने पर फूकन ने कहा कि इसके लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर उनकी तरफ से कोई रहस्य नहीं है और जो हुआ है, वह कानूनी प्रक्रिया के दौरान सामने आएगा।
जुबीने गर्ग की मौत को याद करते हुए फूकन ने कहा कि घटना उनकी आंखों के सामने हुई और यह उनके लिए बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि वह जुबीन गर्ग के गाने सुनते थे और वह उनके लिए आदर्श थे।
फूकन ने बताया कि जुबीन गर्ग इससे पहले 2016 और 2024 में भी सिंगापुर आए थे और वहां रहने वाले असमिया समुदाय के बीच उनकी अच्छी पहचान थी।
सिंगापुर में हुई यॉट पार्टी से जुड़े लोगों के बारे में फूकन ने कहा कि वह श्यामकानु महंत को नहीं जानते और उन्हें नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ शर्मा से उनकी पहली मुलाकात इसी सिलसिले में हुई थी। यॉट पार्टी के दौरान जुबीन गर्ग की देखरेख या नियंत्रण किसके पास था, इस बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यॉट पार्टी जुबीन गर्ग के लिए आयोजित की गई थी।
चिकित्सकीय मदद के बारे में फूकन ने कहा कि घटना के बाद उन्हें आपात चिकित्सा उपचार मिला था और उन्होंने दावा किया कि उस समय उन्हें अस्पताल जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। हालांकि, लापरवाही के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला अदालत को करना है।
फूकन ने कहा कि वह सार्वजनिक रूप से इसलिए बोल रहे हैं ताकि मामले को लेकर लोगों के बीच बनी गलतफहमियां दूर हो सकें और सच्चाई सामने आए।
उन्होंने बताया कि सिंगापुर में रहते हुए उन्होंने कॉटन में पढ़ाई की थी, मुंबई और पुणे में भी रहे हैं तथा मीडिया में काम किया है। फूकन ने कहा कि वह करीब 30 वर्षों से सिंगापुर में रह रहे हैं और इस मामले की कार्यवाही में शामिल होने के लिए अपने खर्च पर असम आए हैं।
फूकन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए घटना की सही तस्वीर सामने आएगी। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषी को सजा मिलनी चाहिए।









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