गुवाहाटी। असम में कैंसर के इलाज की सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में देश का पहला सरकारी क्षेत्र का प्रोटॉन बीम थेरेपी केंद्र स्थापित करने के लिए बेल्जियम की कंपनी आईबीए (आयन बीम एप्लीकेशंस) के साथ समझौता किया है। इस परियोजना पर लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री हिमन्त बिश्व शर्मा की मौजूदगी में शनिवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। प्रस्तावित केंद्र के अगले तीन वर्षों के भीतर स्थापित होने की उम्मीद है।
प्रोटॉन बीम थेरेपी कैंसर के उपचार की एक उन्नत विकिरण तकनीक है। इसमें विशेष प्रकार की किरणों के माध्यम से कैंसर प्रभावित हिस्से को निशाना बनाया जाता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को होने वाला नुकसान पारंपरिक विकिरण उपचार की तुलना में कम किया जा सकता है। विशेष रूप से कुछ बच्चों और ऐसे मरीजों के लिए यह तकनीक उपयोगी हो सकती है, जिनके महत्वपूर्ण अंगों के आसपास ट्यूमर मौजूद हो।
परियोजना के लिए 315 करोड़ रुपये विश्व बैंक और 285 करोड़ रुपये असम सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है। केंद्र में उपचार के लिए चिकित्सकों, चिकित्सा भौतिकविदों और तकनीकी कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य असम और पूर्वोत्तर के मरीजों को उन्नत कैंसर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर इलाज के लिए देश के दूसरे हिस्सों में जाने की आवश्यकता कम पड़े।
इस परियोजना के पूरा होने से पूर्वोत्तर में कैंसर उपचार की सुविधाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।



.png)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें