23-24 नवंबर को लखीमपुर में सैनिक समारोह आयोजित करने की घोषणा
लखीमपुर। वीर लाचित सेना के रंतु पानी फुकन गुट द्वारा जोरहाट में केंद्रीय समिति के गठन के बीच संगठन के स्थायी परिषद के अध्यक्ष हेमंत बोरा गुट ने इस घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई है। लखीमपुर के नॉर्थ लखीमपुर प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में हेमंत बोरा और संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने जोरहाट में हुए केंद्रीय समिति के गठन की वैधता पर सवाल उठाए।
हेमंत बोरा ने आरोप लगाया कि पूर्व में सामने आए डंपर घोटाले से संगठन की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि संगठन के नाम पर कथित अनियमितताओं के आरोपों और मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद केंद्रीय समिति का गठन किया जाना कई सवाल खड़े करता है।
संगठन के मुख्य संयोजक प्राणजीत गोगोई ने आरोप लगाया कि कुछ लोग वीर लाचित के नाम पर गठित संगठन का इस्तेमाल निजी स्वार्थों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के अध्यक्ष को विश्वास में लिए बिना लखीमपुर में स्वागत समिति का गठन किया गया था और 1-2 नवंबर को सैनिक समारोह आयोजित करने की तैयारी की गई थी।
गोगोई के अनुसार, न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद निर्धारित तिथियों पर सैनिक समारोह रद्द करना पड़ा। इसके बावजूद 1 नवंबर को जोरहाट में बैठक आयोजित कर केंद्रीय समिति का गठन किया गया। उन्होंने इसे संगठन के नियमों के विरुद्ध बताते हुए संबंधित पक्ष से वीर लाचित सेना के नाम और प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की।
इस बीच, हेमंत बोरा गुट ने आगामी 23 और 24 नवंबर को लखीमपुर में सैनिक समारोह आयोजित करने की घोषणा की है।
संवाददाता सम्मेलन में वीर लाचित सेना के स्थायी परिषद के अध्यक्ष उज्ज्वल राजखोवा, संयोजक राजीव राज फुकन, मृदु प्रबन लाहन और मुहिनी मोहन राजखोवा सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



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