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परिणाम : परीक्षा का या जिंदगी का



पंकज प्रचंड 
वर्च्यूअल दुनियां के वास्तविक देवपुंजों को शुभप्रभात | आने वाले दिनों में भारत के कई राज्यों में कक्षा दस व बारह के बहुप्रतिक्षित परीक्षा परिणाम अनेकों नौनिहालों के भविष्य की दशा व दिशा तय करेंगे | गत कई वर्षों से जब भी परिणाम घोषित होते हैं अगले दिन के अखबार परीक्षा परिणाम के साथ-साथ पटे पड़े होते हैं हताशा और बेचारगी के उन दिल दहला देने वाले समाचारों से जो एकलव्य,ध्रुव और प्रहलाद की वंशज भारत की आधुनिक युवा पीढी पर एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाते हैं | हमारी आध्यात्मिक चेतना और संस्कारवान परवरिश को खून से सने ये अखबार आंख दिखाते हैं | क्या सिंह के दांतों से गिनती सीखने वाला भारत का युवा सहनशीलता की परिभाषा भूल चुका है | क्या विश्व गुरु के तमगे वाला ये राष्ट्र लार्ड मैकाले की शिक्षण पद्धतियों के सामने इतना बौना हो गया है कि हम अपना गौरवशाली इतिहास विस्मृत कर चुके हैं | परीक्षा में कम अंक आने या अनुतीर्ण होने का तात्पर्य है की आप एक वर्षीय पाठ्यक्रम में अनुतीर्ण हुए हैं ज़िन्दगी के इम्तिहान में नहीं | जिंदगी से बड़ा कुछ भी नहीं है | सच कहूं तो दोष सिर्फ़ संतानों का ही नहीं माता-पिता का भी है | माता-पिता अपनी उम्मीदों का बोझ इन अबोध कंधों पर डाल कर दिन -प्रतिदिन दबाव इतना बढाते जाते हैं कि संतान परिणाम से पहले ही डरने लग जाती है और यही डर मानसिक विकलांगता को जन्म देता है | त्रावास में रहने वालों से माता -पिता दूरभाष पर ये नहीं पूछते की बेटा सपने कैसे आते हैं बल्कि पूछते हैं उनके परीक्षा अंकों के बारे में | परिणामस्वरूप माता -पिता की छाया में सांस लेने वाले उसी छाँव में घुटन महसूस करते हैं | और हम अंधेरे में उलझी इस पीढ़ी से ये आशा रखते की ये भारत का निर्माण करेगी तो सच मानिए हम खुद इसी अंधेरे के आगोश में जी रहे हैं जिसका एकमात्र गंतव्य पतन है | दोष हमारी शिक्षा पद्धति व प्रतिभा मूल्यांकन पद्धति का भी है | हमने प्राप्तांको को ही प्रतिभा का छद्म मानक घोषित कर दिया है | पर सत्य यही है कि प्राप्तांक ही सर्वांगीण प्रतिभा का मूल्यांकन नहीं कर सकते | हो सकता है जिसे परीक्षा में कम अंक मिले हो ईश्वर ने उसे कोई और नेमत बख्शी हो | हो सकता है वो जीवन के किसी अन्य क्षेत्र में वो उपलब्धि हासिल करले जो मैरिट हॉल्डर्स ना कर पाए | अंत में सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा की प्रतिभा का मूल्यांकन बंद कीजिये | अगर कुछ करना ही है तो प्रतिभा की खोज कीजिये | शुभकामनाएं |

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