गुवाहाटी - पदमेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ वैदिक साइंस कानपुर और होटल राजमहल के संयुक्त तत्वाधान में 70 वां राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन का उद्घाटन पुर्व केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने दीप प्रज्वलित करके किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि ज्योतिष को अगर ढंग से देखा जाए तो यह हमारे जीवन को सुरक्षित बनाती है। भारतीय संस्कृति बड़ी व्यापक संस्कृति है। भूगोल और खगोल का सारा ज्ञान इस संस्कृति में समाया हुआ है। खगोल विज्ञान की गणित के आधार पर ग्रहों की स्थिति की जानकारी होती है। खगोल और भूगोल का समुचित समन्वय का काम ज्योतिष शास्त्र ही कर सकता है। ज्योतिष शास्त्र अंक गणित पर आधारित है। इसके समुचित ज्ञान के अभाव में इस की भविष्यवाणी बेकार साबित हो जाती है। उद्घाटन के अवसर पर उनके साथ मंच पर के ए दुबे पद्मेश, ज्योतिष विद राम नाथ गोस्वामी, जी एम श्रीवास्तव, होटल राजमहल के चेयरमैन के सी जैन ,स्थानीय ज्योतिषी कमल भूरा, कार्यक्रम संयोजक सुनील सेठिया उपस्थित थे। के ए दुबे ने कहा कि दो दिवसीय अधिवेशन में हमें मुख्य रूप से 2019 में देश की राजनीति व आर्थिक परिस्थिति कैसी रहेगी एवं ज्योतिषाचार्यों को भी सरकारी मापदंड के अनुसार मान्यता प्राप्त मिलने वाला अध्यादेश जारी करवाने के विषय में चर्चा करनी है ।इस अवसर पर असम के वयोवृद्ध ज्योतिषाचार्य राम नाथ गोस्वामी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड देते हुए उनको शाल फुलाम गमछा व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही अधिवेशन में उपस्थित प्राय 30 से अधिक देश विदेश के ज्योतिषियों ने भी उनका अभिनंदन किया। उद्घाटन सत्र में मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों ने संबोधित किया। इस सत्र का संचालन मनोज सेठिया ने किया एवं श्याम सुंदर गुप्ता, संतोष गाड़ोदिया ने व्यवस्था संभालने में सक्रिय सहयोग दिया।













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