गुवाहाटी, 31 अक्टूबर । स्कूल जहां हमारा बचपन फलता फूलता है। यह ऐसा संस्थान है जहां पर व्यक्ति अपने पूरी जीवन की नींव रखता है। छात्र जीवन की उम्र वह उम्र है जब हम हर तनाव से मुक्त होकर कुछ सीखते हैं। क्योंकि इस समय हमारा पूरा बोझ शिक्षक और अपने माता-पिता पर रहता है। हमें तो केवल अध्ययन करके आगे बढ़ना है। यही उम्र है जिस में हम पढ़ लिख कर आगे बढ़ सकते हैं। क्योंकि समय कभी लौटकर नहीं आता है। वैसे तो व्यक्ति सारी उम्र कुछ न कुछ सीखता रहता है पर यह उम्र हमें प्रारंभिक ज्ञान देकर आगे सीखने के लायक बनाती है। यह बातें श्री दिगंबर जैन विद्यालय के वार्षिक समारोह बाल उत्सव 2018 एवं सांस्कृतिक संध्या तथा पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाज सेविका रत्न प्रभा सेठी ने अपने संबोधन में कही। इससे पहले मुख्य अतिथि श्रीमती सेठी ने भगवान महावीर के चित्र के आगे दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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इस अवसर पर उनके साथ विद्यालय के अध्यक्ष हंसराज रारा, सचिव कपूर चंद जैन पाटनी, दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष महावीर जैन गंगवाल, दिगंबर जैन पंचायत के वाइस चेयरमैन महावीर प्रसाद छाबड़ा, विशिष्ट अतिथि धेमाजी के समाज सेवी अशोक पांड्या, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रश्मि जैन ठोलीया, विशिष्ट वक्ता के बी सी करोड़पति विजेता विनीता जैन, विशिष्ट अतिथि श्रीमती रूपा रारा, विद्यालय के सलाहकार सूर्य नारायण तिवारी उपस्थित थे। विद्यालय के अध्यक्ष हंसराज रारा ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। सचिव कपूर चंद जैन ने विद्यालय की प्रगति विवरण के बारे में बताते हुए संपूर्ण गतिविधियां समाज के सामने रखी। इस अवसर पर बोलते हुए दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष महावीर जैन ने कहा कि 50 वर्ष पहले जैन मंदिर में कांच के पार्टीशन के बीच यह विद्यालय चलती थी। उस समय के छात्र आज वकील, डॉक्टर और सफल व्यवसायी बनकर इस विद्यालय को सहयोग दे रहे हैं। आज यह विद्यालय महावीर भवन प्रांगण में अच्छे परिणामों के साथ चल रही है। आगामी 5 सालों में गुवाहाटी शहर से 10 किलोमीटर दूर नए विद्यालय की व्यवस्था संपूर्ण हो जाएगी। इस विद्यालय में करीब 4000 छात्र आधुनिक तकनीकी के साथ शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों ने भी अपना संबोधन दिया।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। साक्षी गोलछा को मैट्रिक की परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करके प्रथम स्थान से उत्तीर्ण होने के लिए विद्यालय की ओर से पुरस्कृत किया गया। श्रीमती शांति देवी बड़जात्या स्मृति पुरस्कार नगद धनराशि के रूप में साक्षी गोलछा, प्रेरणा तिवारी और सुरभि स्वामी को दिया गया। मानिकचंद छाबड़ा स्मृति पुरस्कार धार्मिक विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए आयुष गोस्वामी, रिशीका जैन, चंचल जैन, रोहित कुमावत, अनामिका तिवारी, हितेश चोरड़िया, संस्कृति जैन, मुस्कान शर्मा और हर्ष चोरड़िया को भागचंद छाबड़ा और रतनी देवी छाबड़ा ने प्रदान किया। मैट्रिक परीक्षा में 85% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया। भंवर लाल सरावगी स्मृति पुरस्कार विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ छात्रा (2017 -18) के रूप में तनीषा सिंह को गोल्ड मेडल के रूप में नवीन पाटनी ने प्रदान किया। जयचंद लाल पतासी देवी पाटनी पुरस्कार विद्यालय की वार्षिक परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को सरोज देवी सुरेश पाल पाटनी ने प्रदान किया।
इसके अलावा कुल 26 छात्रों को भी यह पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम के तृतीय चरण में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। सरस्वती वंदना नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद असम का लोक नृत्य बिहू, राजस्थान का लोक नृत्य घूमर और गुजरात का लोक नृत्य गरबा की प्रस्तुति विभिन्न कक्षाओं द्वारा की गई। अभिभावकों की शिक्षा में अहमियत नाम से एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई। सामूहिक गीत, असमीया आधुनिक नृत्य, पाश्चात्य शैली नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। विद्यालय के सलाहकार सूर्य नारायण तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन ताराचंद ठोलियां ने बहुत ही कुशल अंदाज में किया। समारोह समापन स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाओ ने असमिया पारंपरिक परिधान में राष्ट्रीय गीत गाकर किया।
















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