नई दिल्ली, 1 नवम्बर । अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले ‘महागठबंधन’ बनाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगतार चर्चा जारी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने के प्रयास लगातार किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि नायडू समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात कर सकते हैं। नायडू ने कल शरद पवार और फारुख अब्दुल्ला से भी मुलाकात की। इसके मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाना होगा। लोकतंत्र को बचाने के लिए हम एकसाथ काम करेंगे। हमें इस देश के लोकतंत्र और भविष्य को बचाने के लिए साथ आना ही होगा। पहले क्या हुआ मायने नहीं रखता, हम भविष्य के लिए साथ हैं।
नायडू ने कहा कि इस देश को बचाने के लिए सभी पार्टियों को मिलजुल कर काम करना होगा। हमें अतीत को भूलकर लोकतंत्र बचाने के लिए एकसाथ आना होगा। राजनीति के गलियारे में चर्चा है कि शरद यादव विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। वे राजनीतिक दलों से संपर्क साधकर उनसे अपील कर रहे हैं कि वे अपने निजी स्वार्थों को त्यागकर एक साथ आएं। गौरतलब है कि सीएम नायडू ने बीते शनिवार (27 अक्टूबर) को बीएसपी सुप्रीमो मायावती के साथ ही जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला से भी मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि शरद यादव और चंद्रबाबू नायडू की बैठक के बाद दोनों नेताओं ने तय किया है कि वे विपक्षी दलों को नए सिरे से एक मंच पर लाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए दोनों नेता बारी-बारी से विभिन्न पार्टी के नेताओं से मुलाकात करेंगे। महागठबंधन की संभावनाओं को तलाशने के इरादे से ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी नेता एन चन्द्रबाबू नायडू ने बीएसपी प्रमुख मायावती से मुलाकात की। इस दौरान नायडू के साथ आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री वाइ्र रामकृष्णुडु और उनकी पार्टी के कुछ सांसद भी मौजूद थे।








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