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गुवाहाटी, 14 नवम्बर । आस्था का महापर्व सूर्य षष्ठी महोत्सव में आज उगते हुए सूर्य को हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रातः कालीन अर्घ्य दिया। इससे पहले दीपदान परंपरा में ब्रह्मपुत्र नद में सैकड़ों दीपक तैरते हुए नजर आये। शुक्रेशवर घाट, फैंसी बाजार घाट, माछखुवा घाट, सोनाराम फील्ड घाट की विद्युत छटा मन को मोह रही थी। रंग बिरंगी बिजली की रोशनी देखते ही बनती थी। सूर्योदय के समय विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा उच्चारीत सूर्य मंत्र वातावरण में भक्ति भाव उत्पन्न कर रहे थे। रात्रि को दंडवत करते हुए श्रद्धालु घाटो तक पहुंच रहे थे। षष्ठी व्रत की संपूर्णता पर सभी एक दूसरे को बधाई व शुभकामना संदेश दे रहे थे। अर्घ्य दान की प्रक्रिया संपूर्ण होते ही श्रद्धालु प्रसाद की टोकरीया लेकर अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। छठ पूजा का पर्व मूलतः उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य का लोक पर्व है परंतु सभी हिंदू धर्मावलंबी इस पर्व को बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। राजस्थान, हरियाणा, बंगाल और असम के मूल निवासी भी इस पर्व को बड़ी आस्था से पालन करते हैं। आज प्रातः सभी ने भगवान सूर्य और छठ मैया की पूजा मंत्रोच्चार के साथ संपन्न की। पुलिस प्रशासन मध्य रात्रि से ही व्यवस्था संभालने में लगा हुआ था। एनडीआरएफ की जवान ब्रह्मपुत्र नदी में नाव के सहारे किसी अनहोनी को टालने के लिए गस्त लगा रहे थे। राज्य सरकार के जल परिवहन विभाग ने भी इस अवसर पर अपना सहयोग दिया। छठ पर्व शांतिपूर्वक संपन्न होने पर लोगों ने खुशियां भी जताई।







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