गुवाहाटी, 14 नवम्बर । कामरुप महानगर जिला सभा की सभापति मृणालिनी देवी की अध्यक्षता में गीतानगर हाईस्कूल में गीतानगर शतदल शाखा साहित्य सभा व महानगर जिला साहित्य सभा के तत्वावधान में बाल दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में असम साहित्य सभा के सभापति डा. परमानन्द राजवंशी, कामरुप महानगर जिला साहित्य सभा के उपाध्यक्ष बिष्णु डेका, सह सचिव हरेश्वर डेका, असम साहित्य सभा की कुँहि उप समिति की उपाध्यक्ष स्वप्नाली बरगोहाँई, मुख्य आह्वायक किशोर कुमार जैन, गिरीन्द्रनाथ डेका, गीतानगर साहित्य सभा की सभापति विनीता नाथ, चान्दमारी साहित्य सभा के उपाध्यक्ष प्रहलाद भागवती व गीतानगर हाईस्कूल की प्रधान अध्यापिका प्रणीता शर्मा मंच पर विराजमान थे। सभी अतिथियों का स्कूल के बच्चों द्वारा असमिया फुलाम गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। महानगर जिला साहित्य सभा के संपादक दुर्गेश्वर पाठक ने सभा का संचालन व कार्यक्रम की उद्देश्य ब्याख्या की। इस अवसर पर कुँहि उपसमिति दवारा प्रकाशित पत्रिका कुँहि का विमोचन स्कूल की अध्यापिकाओं की उरुली ध्वनि तथा स्कूल के विद्यार्थीयो की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच स्कूल की कक्षा छह की मेधावी छात्रा इच्छा पाल ने किया। उल्लेखनीय है कि कुँहि पत्रिका का विमोचन असम के सभी जिला साहित्य सभा व क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा एक साथ किया गया। पत्रिका के मुख्य संपादक किशोर कुमार जैन है। मुख्य अतिथि डा. परमानन्द राजवंशी ने अपने संबोधन में अपने बचपन की यादों को स्कूल के बच्चों के साथ साझा करते हुए कहा कि वे अपने बाल्यकाल से अब तक सभी शैक्षणिक प्रतिष्ठानों को तीर्थस्थान मानते हैं और श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। उन्होंने बाल्यकाल को अपने जीवन का अनमोल काल बताते हुए सभी विद्यार्थीयों से आग्रह किया कि वे अपनी जन्मदात्री मां, मातृभाषा व जननी जन्मभूमि का हमेशा आदर सम्मान करे। तभी वे जीवन की सच्ची उपलब्धियों व सफलता की ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं। गीतानगर हाईस्कूल के विध्यार्थीयों नें नेहरु के ब्यक्तित्व व कृतित्व के अलावा नृत्य-गीत आदि प्रस्तुत किए। इससे पूर्व स्कूल के विद्यार्थियों व अध्यापिकाओं ने जवाहरलाल नेहरु की तस्वीर पर दीपक जलाकर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर स्कूल के अध्यापक-अध्यापिकाओं के अलावा सहित्य सभा के अनेकों सदस्य उपस्थित थे।इस आशय की जानकारी कमारुप महानगर जिला साहित्य सभा के प्रचार विभाग के नरेन राय ने दी।










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