रंगिया से अरुणा अग्रवाल
रंगिया, 9 नवम्बर । समग्र राज्य के साथ-साथ रंगिया मे भी 5 नवंबर को सुधाकंठ डॉ० भूपेन हजारिका की मृत्यु वार्षिकी पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। असम शिल्पी संस्था द्वारा तथा भूपेन हजारिका की प्रतिमूर्ति स्थापना और संरक्षण समिति के सहयोग से रंगिया के मुरारा मे आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट शिल्पी व सांस्कृतिक कर्मी नरेन शर्मा, प्रतिमा बरूआ पाण्डे कलाकृष्टि के प्रतिस्ठापक अध्यक्ष अजीत वर्मन, असम शिल्पी संस्था के अध्यक्ष पंकज पल्लव शर्मा, सचिव अमरकिरण, अजायुछाप के ज्योतिर्मय कलिता, चलचित्र परिचालक प्रदिप हजारिका, कवि मनोज बर्मन, अभिनय शिल्पी प्रान्जीत लोचन शर्मा, भनिता शर्मा, विशिष्ठ पत्रकार फारूक हुसैन ने सुधाकंठ की प्रतिमूर्ति के सामने दीप प्रज्वलित किया। इसके पश्चात आयोजित स्मृतिचारण सभा में शिल्पी नरेन शर्मा ने अपने भाषण में डॉ भूपेन हजारिका को समन्वय का प्रतिक बताते हुये उनके प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही असम शिल्पी संस्था के अध्यक्ष पंकज पल्लव शर्मा ने भूपेन हजारिका के आदर्शो को आज के युवा वर्ग में के बीच लाने का प्रण करते हुए उनको स्मरण किया। आयोजित कार्यक्रम मे "मानुहे मानुहोर बाबे' नामक एक समन्वय यात्रा का उद्घाटन प्रतिमा बरूआ पाण्डे कलाकृस्टी के प्रतिस्थापक अध्यक्ष अजीत बर्मन द्वारा किया गया। इस अवसर पर बर्मन ने भूपेन दा के आर्दशो के संरक्षण और प्रचार प्रसार पर जोर देते हुये अपने विचार रखे।








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