शिलांग से सुशील दाधीच
शिलांग, 9 नवम्बर । हिन्दू धर्म में भाई-बहन के स्नेह-प्रतीक दो त्योहार मनाये जाते हैं - एक रक्षाबंधन जो श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसमें भाई बहन की रक्षा करने की प्रतिज्ञा करता है। दूसरा त्योहार, 'भाई दूज' का होता है। इसमें बहनें भाई की लम्बी आयु की प्रार्थना करती हैं। भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास की द्वितीया को मनाया जाता है। जो आज जगह जगह पर मनाया गया। भैया दूज को भ्रातृ द्वितीया भी कहते हैं। इस पर्व का प्रमुख लक्ष्य भाई तथा बहन के पावन संबंध व प्रेमभाव की स्थापना होती है आज के दिन बहने भाईयो की रक्षा पूजन भी करती हैं। बहनों ने अपने हाथ से भाईयों को खाना खिलाया, भाईयो की लम्बी उम्र की प्राथना भी की। सभी बहनो ने भाइयों को चावल खिलाएं। भाई दुज के दिन बहन के घर भोजन करने का विशेष महत्व माना जाता है। आज भाई दुज के शुभ अवसर पर घर-घर मे यह पर्व बड़ी खुशियो के साथ मनाया गया। सभी भाई-बहनो ने एक दुसरे की खुशियो की मंगल कामना भी की। सभी बड़ो के साथ-साथ छोटे छोटे बच्चो को भी यह पर्व खुशी भरी लहजे मे मनाते हुए देखा गया। भाई दुज के अवसर पर शंकर लाल सिंघानिया ने सभी को शुभकामनाऐ भी दी।








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