यूरोपियन राष्ट्रवाद लोगों के लिए गले का हार नहीं, फांसी का फंदा है
भरत गांधी एशियाई वतन की सरकार और वोटरशिप कानून की मांग पर 50,000 से ज्यादा लोगों ने प्रदर्शन किया
रंगिया से अरुणा अग्रवाल
रंगिया, 19 नवम्बर । राज व्यवस्था और अर्थव्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने की मांग को लेकर वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल में रंगिया में जोरदार प्रदर्शन किया जिसमें पचास हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। पार्टी के संस्थापक और नीति निर्देशक भरत गांधी ने लोगों से वोटरशिप कानून और एशियाई वतन की सरकार के लिए समर्थन मांगा जिसके लिए लोगों ने हाथ उठाकर ध्वनिमत से समर्थन किया। यह प्रदर्शन वोटर्स पार्टी ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किया था। वोटर्स पार्टी द्वारा प्रत्येक वर्ष 17 नवंबर को विश्व दर्शन दिवस के साथ-साथ पार्टी का स्थापना दिवस मनाया जाता है जो कि गत वर्ष नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। राजनीतिक और आर्थिक सुधारों पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक भरत गांधी ने लोगों को संबोधित करते हुए अपील की कि भारत का राष्ट्रवाद कभी भी सीमाओं में बंधा नहीं रहा, बल्कि वसुधा को कुटुंब मानने की परंपरा रही। लेकिन यूरोपीय राष्ट्रवाद के कारण देश की जनता आर्थिक रूप से गुलाम हो गई है क्योंकि सस्ते निर्यात के लिए अपने ही देश की सरकार अपने ही देश के गरीबों और मध्यवर्ग को जानबूझकर आर्थिक तंगी में कैद किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अनाज, कपड़े, दवाइयां सड़ा रही है लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी नागरिकों को नहीं दे रही है। जाने-माने राजनीतिक सुधारक ने हर वोटर को हर महीने फ्री में छह हजार रुपए उसके बैंक खाते में सरकार द्वारा दिए जाने के लिए कानून बनाने की मांग की। फ्री में इस पैसे के वितरण के औचित्य को बताते हुए कहा कि कंप्यूटर ने पढ़े लिखे लोगों का काम खत्म कर दिया है और जेसीबी, बुलडोजर और ट्रैक्टर आदि ने अनपढ़ लोगों का काम खत्म कर दिया है। इसलिए अब मशीनों के परिश्रम से पैदा हुआ धन देश के वोटरों में बांटने के लिए वोटरशिप कानून बनेगा तभी परिवारों की आर्थिक तंगी जाएगी और तभी देश का वास्तविक विकास होगा। उन्होंने कहा कि यूरोपीयन यूनियन के तर्ज पर अगर एशियाई देश एक यूनियन बना लेते हैं तो वोटरशिप की रकम छह हजार रुपये से बढ़कर कम से कम दस हजार रुपए हो जाएगी क्योंकि साझी प्रतिरक्षा प्रणाली अपना लेने से कम पैसों में अधिक सुरक्षा हो सकती है । बचा हुआ पैसा वोटरशिप की रकम जोड़कर वोटरों के बैंक खाते में भेजा जा सकता है। उन्होंने पंचायत और आने वाले लोकसभा चुनावो में वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के प्रत्याशियों को जीता कर देश में व्यवस्था परिवर्तन का जनादेश देने की अपील की । इस मौके पर उपस्थित पार्टी की अखिल भारतीय कमेटी के अध्यक्ष तथा पूर्व सांसद ब्रह्म देव आनंद पासवान ने कहा कि पुराने विचार और पुराने विचारक, आज के समय में अप्रासंगिक हो गए हैं। इसलिए देश को अब नए विचार, नए विचारक, नया नेतृत्व, नई पार्टी और नई राजनीतिक व आर्थिक व्यवस्था चाहिए । उन्होंने कहा कि यह काम करने में वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल पूरी तरह से सक्षम है। प्रदेश अध्यक्ष ललित पेगु ने वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल से लोगों को जुड़ने की अपील की और कहा कि असम को विकास और शांति के रास्ते पर यह पार्टी ले जा सकती है। पार्टी की स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी की अखिल भारतीय कमेटी और असम प्रदेश कमेटी के कई पदाधिकारियों ने जनसमूह को संबोधित किया । पार्टी की केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष विजय कुमार जैन ने सभा की अध्यक्षता की और सभा का संचालन शाहजहाँ शेख ने किया ।











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