गुवाहाटी। उत्तर पूर्वांचल में पहली बार अखिल भारतीय जगद्गुरु श्री निंबार्काचार्य पीठाधीश्वर निंबार्क तीर्थ अजमेर राजस्थान के पीठाधीश्वर श्री श्याम शरण जी देवाचार्य महाराज का पदार्पण गुवाहाटी में हुआ। इस अवसर पर आज ब्राह्मण भवन छत्रीबाड़ी में उनका स्वागत समारोह एवं प्रवचन का आयोजन हुआ। महाराज श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि उत्तर पूर्वोत्तर में भगवान राधा कृष्ण की मूर्ति पूजनीय है। वैष्णव संप्रदाय में श्री निंबार्क संप्रदाय का विशेष स्थान है। ऐसा माना जाता है कि निंबार्क संप्रदाय शैव संप्रदाय के प्रवर्तक जगतगुरु आदि शंकराचार्य से भी प्रभावित है। निंबार्क संप्रदाय की परंपरा 24 अवतारों में श्री हंस अवतार से शुरू होती है। महाराज जी ने अपने सारगर्भित प्रवचन से उपस्थित श्रद्धालुओं को काफी प्रभावित किया। इससे पहले महाराज श्री के स्वागत में सभी श्रद्धालु तत्पर हो गए। गोपाल बजाज ने महाराज श्री को कामाख्या मंदिर का प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। नवरंग मोर ने महाराज श्री को माल्यार्पण तथा नवल किशोर मोर ने फूलाम गमछा से महाराज श्री का स्वागत किया। नलबाड़ी के मुसलपुर कॉलेज के प्रोफेसर सर्वानंद भंडारी ने भी महाराज श्री का सम्मान किया। निर्मल गोयल ने असमिया जापी से महाराज श्री का स्वागत किया। इसके अलावा असम पुलिस सेवा के अतिरित पुलिस महानिदेशक विनय कुमार मिश्र, नरेश अग्रवाल, जुगल किशोर सर्राफ, अजय अग्रवाल एवं कई गणमान्य व्यक्ति ने प्रवचन का लाभ उठाया।
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श्री श्याम शरण जी देवाचार्य महाराज का पदार्पण गुवाहाटी में हुआ
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