नगांव। नगांव जिला में एक कोरोना संक्रमित मरीज को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही बरते जाने का मामला रविवार को सामने आया है। एक स्वस्थ व्यक्ति को कोरोना संक्रमित बताकर अस्पताल में भर्ती के लिए भेज दिया गया। हालांकि, समय रहते ही इस गड़बड़ी की जानकारी मिल गई, जिसके बाद स्वस्थ्य व्यक्ति को अस्पताल के बाहर से ही पुनः एकांतवास शिविर में भेज दिया गया।
विभाग को मिली जानकारी के अनुसार 26 मई को जुरिया के बागुड़ीगुड़ी उच्चतर माध्यमिक मदरसा में बनाए गए एकांतवास शिविर में मुकसिदूल इस्लाम को रखा गया था। रविवार को उसे कोरोना संक्रमित बताकर जिला अस्पताल में भेज दिया गया। अस्पताल में जाने के बाद जब मरीज की जांच-पड़ताल की गई तो स्वास्थ्य विभाग अचरज में पड़ गया। कारण वह कोरोना संक्रमित नहीं था। जबकि, मुकसिदूल को कोरोना संक्रमित बताया गया था।
ज्ञात हो कि इस बीच धिंग के जवाहर नवोदय विद्यालय के एकांतवास शिविर में रह रहे अन्य एक व्यक्ति मसिदुल नामक युवक को जांच में कोरोना संक्रमित पाया गया था। उसे भी एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया था। दोनों के नामों में समानता होने की वजह से गफलती में दोनों को ही संक्रमित बताकर एकांतवास शिविर से जिला सदर अस्पताल में भेज दिया गया।
स्वास्थ्य अधिकारी अतुल चंद पटवारी ने रविवार को बताया कि आज जब एंबुलेंस के जरिए दोनों मरीजों को अस्पताल में लाया गया तो, दोनों के मोबाल नंबर व नामों की जांच कई। जांच में इस गलती का पता चला। जिसके बाद अस्पताल के बाहर से ही स्वस्थ्य व्यक्ति मुकसिदूल को एकांतवास शिविर में भेज दिया गया। वहीं कोरोना संक्रमित मरीज को कोरोना जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। (हि.स)





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