गुवाहाटी। पूर्वोत्तर राज्यों मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में राज्यसभा की 04 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने 2 सीटें जीतीं और एक सीट एमएनएफ और एक नेशनल पीपुल्स पार्टी ने जीती है। राज्यसभा सीट के लिए मणिपुर और मिजोरम राज्यों में कठिन लड़ाई हुई।
भाजपा के नबाम रेबिया ने अरुणाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट पर निर्विरोध जीत हासिल किया। भाजपा के पास 41 विधायक, कांग्रेस के 04 विधायक, नेशनल पीपुल्स पार्टी के 04 विधायक हैं। राज्य विधानसभा की कुल 60 सीटों में से तीन निर्दलीय सदस्य हैं। रेबिया ने राज्य में विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया है।
मणिपुर में भाजपा के उम्मीदवार लीसेम्बा संजाओबा ने टी मांगी बाबू कांग्रेस के उम्मीदवार को हराया। कांग्रेस पार्टी के 03 विद्रोही विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा वोट देने की अनुमति दी गई थी और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को वोट दिया। भाजपा से इस्तीफा देने वाले 03 विधायकों को राज्यसभा के चुनाव में मतदान करने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं टीएमसी विधायक ने मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। 04 एनपीपी पार्टी के विधायक जिन्होंने सरकार से समर्थन वापस ले लिया, ने राज्यसभा के चुनाव में अपना वोट कांग्रेस उम्मीदवार को दिया। 02 दिनों से राज्य में एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हो रहा था। 09 उम्मीदवारों द्वारा भाजपा राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस लेते हुए कांग्रेस खेमे में शामिल हो गए। जिसमें उप-मुख्यमंत्री वाई जॉयकुमार सिंह और स्वास्थ्य मंत्री एल जयंत कुमार सिंह शामिल हैं। मणिपुर विधानसभा की 60 सीटों में से कांग्रेस ने 28 सीटें जीतीं, 21 सीटें भाजपा ने, 04 सीटें नेशनल पीपुल्स पार्टी, 04 नगा पीपुल्स फ्रंट, 01 तृणमूल कांग्रेस, 01 लोक जनशक्ति पार्टी और 01 निर्दलीय सदस्य ने जीती थी। हालांकि, वर्तमान में 04 सीटें खाली हैं, जबकि 07 विधायकों के विरूद्ध न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। वहीं भाजपा से पार्टी छोड़ने वाले तीन विधायकों के कारण 15 विधायक राज्यसभा चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाए। जिसके चलते मतदान का अंक गणित काफी बदल गया। जिसके चलते चुनाव में भाजपा की जीत काफी आसान हो गई।
मेघालय राज्यसभा चुनाव में नेशनल पीपुल्स पार्टी के डब्ल्यूआर खरलुखी ने चुनाव जीता और कांग्रेस से कैनेडी ख्यारिम को हराया। 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी उम्मीदवार को 39 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 19 वोट मिले। मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस (एमडीए) के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं। जबकि, एक वोट को अमान्य घोषित कर दिया गया।विधानसभा चुनावों में एनपीपी के 21 सीट, यूडीपी ने 08, पीडीएफ ने 04, भाजपा ने 02, एनसीपी ने 01, एचएसपीडीपी ने 02, निर्दलीय 01, कांग्रेस ने 19 सीट व 01 सीट केएचएनएएम जीत हासिल किया था। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली सरकार में भाजपा सहित अन्य गठबंधन पार्टी शामिल हैं।
मिजोरम की एक मात्र राज्यसभा सीट के लिए त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। हालांकि, राज्य की सत्ताधारी पार्टी की जीत पहले ही निश्चित मानी जा रही थी। मिज़ो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के उम्मीदवार के कनलालवेना,जोराम पीपुल्स मूवमेंट से डॉ लालचानज़ोवा और कांग्रेस से के कनलालवेना उम्मीद थे। के कनलालवेना ने राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल की है। राज्य विधानसभा 40 सीटों में से 27 सीटें एमएनएफ, 01 भाजपा, 07 जेडपीएम और 05 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। भाजपा के एकमात्र विधायक बुद्धधन चकमा ने राज्यसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। (हि.स.)








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