गुवाहाटी। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शनिवार को सोरुसजाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हैंडलूम एंड टेक्सटाइल्स डिपार्टमेंट, असम सरकार द्वारा आयोजित सिपिनी समरोह (बुनकर कॉन्क्लेव) में हिस्सा लेते हुए कहा कि असम के बुनकरों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों की मांग पैदा करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने राज्य के हथकरघा बाजार को स्थानीय बुनकरों के नियंत्रण में रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
सीएम ने कहा कि बुनकरों को आर्थिक स्वतंत्रता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि असम देश में बुनकरों की सबसे बड़ी संख्या का क्षेत्र है और एरी और मूगा जैसी स्वदेशी वस्त्रों की सामग्री के मानकों को विकसित करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हथकरघा राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण है। उत्पादन, मूल्य संवर्धन और विपणन श्रृंखला के सर्वेक्षण की बात कही।
मुख्यमंत्री ने हथकरघा की बुनाई में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के आधुनिक नवाचारों को शामिल करने पर जोर दिया और कहा कि उत्पादों को बढ़ाने के लिए रचनात्मक सोच के साथ मूल्यवर्धन किया जाना चाहिए। सोनोवाल ने कहा कि राज्य की जैव विविधता, प्राकृतिक सुंदरता को हथकरघा उत्पादों द्वारा प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए और राज्य के हथकरघा विभाग ने न केवल घरेलू बल्कि, बांग्लादेश में व्यापार मेले में भी भाग लिया है।
उन्होंने बुनकरों को अन्य पड़ोसी देशों के साथ बांग्लादेश के बाजारों पर कब्जा करने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया और पारंपरिक तकनीकों पर पूरी तरह से निर्भर न रहते हुए नवीनतम तकनीकों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि राज्य में कपड़ा उद्योग के विकास के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के लिए एक उदाहरण स्थापित किया जाना है। उन्होंने यह भी कहा कि कपड़ा उद्योग में शामिल होने के लिए युवा पीढ़ी को प्रेरित करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सही तरीके से क्षमता को विकसित करने के लिए समर्पित प्रयास किए जाए तो केवल हैंडलूम को तेजी से विकसित किया जा सकता है।
हथकरघा और कपड़ा मंत्री रंजीत दत्त ने कहा कि हथकरघा और कपड़ा क्षेत्र कृषि के बाद सबसे बड़ा नियोक्ता है और राज्य सरकार ने इस अपना फोकस किया है। जैसे, हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना, रियायती दरों पर धागे उपलब्ध कराना, धागा बैंक खोलना आदि प्रमुख हैं।
पश्चिम गुवाहाटी के विधायक रामेंद्र नारायण कलिता ने भी कार्यक्रम में अपनी बातों को साझा किया। हथकरघा और वस्त्र मंत्रालय की सचिव अतिका सुल्ताना स्वागत भाषण दिया। , गुवाहाटी विकास विभाग के मंत्री सिद्धार्थ भट्टाचार्य, राजस्व और आपदा विभाग के मंत्री जोगेन महन समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने कई बुनकरों को उनके कौशल के लिए पुरस्कार प्रदान किए और लाभार्थियों के बीच सौर लैंप, बुनाई उपकरण आदि वितरित किए। (हि.स.)





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