पूजा माहेश्वरी
नगांव। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के तत्वावधान में 9 यूनियनों के सोमवार से आरंभ हुई दो दिन की बैंक हड़ताल मंगलवार को संपन्न हो गई। नगांव में बैंक हड़ताल का काफी असर देखा गया। इसके चलते व्यापारियों को काफी परेशानियां का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है यूनियंस ने दो सरकारी बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में यह हड़ताल बुलाई थी। दो दिन एसबीआई सहित नगांव के सभी सरकारी बैंक ने बंद का पालन किया और सरकार के हठधर्मिता व बैंक को निजीकरण करने का विरोध जताया। ऑल इंडिया बैंक एम्पलाॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने दावा किया कि इस हड़ताल में बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारी और बैंक अधिकारी शामिल हुए। दोनों दिन तक बैंक बंद रहने से सभी कामकाज प्रभावित हुए। जबकि एटीएम खुले थे। गौरतलब है कि पिछले महीने पेश हुए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी विनिवेश योजना के तहत दो सरकारी बैंकों के निजीकरण की घोषणा की थी। इन दो बैंकों का निजीकरण वित्त वर्ष 2021-22 में किया जाना है। इससे पहले सरकार आईडीबीआई बैंक में (IDBI Bank) में अपनी बहुसंख्यक हिस्सेदारी साल 2019 में एलआईसी को बेचकर इसका निजीकरण कर चुकी है। साथ ही सरकार पिछले चार वर्षों मं 14 सरकारी बैंकों का विलय कर चुकी है।
यूएफबीयू के सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्पलाॉइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडेरेशन, नेशनल कॉन्फेडेरेशन ऑफ बैंक एम्पलॉइज, ऑल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और बैंक एम्पलॉइज कॉन्फेडेरेशन ऑफ इंडिया शामिल हैं। इसके अलावा अन्य में आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, एनओबीडब्ल्यू और एनओबीओ शामिल थी।








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