नई दिल्ली। कोरोना महामारी की एक बार फिर वापसी की आशंकाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) सहित इनके जरूरी दस्तावेजों की वैधता को 30 जून तक बढ़ा दी है। सरकार के इस कदम के बाद ऐसे सभी दस्तावेजों की वैधता पर मंडरा रहा संकट टल गया है, जो इस साल एक फरवरी को एक्सपायर हो गए थे या फिर इस साल 31 मार्च तक एक्सपायर होने वाले हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की ओर से इस बाबत राज्यों को जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और दूसरे दस्तावेजों की वैधता बढ़ाई जा रही है। सरकार के इस कदम से उन लोगों को काफी राहत मिलेगी, जो कोरोना संक्रमण की वजह से अपने एक्सपायर हो रहे दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं करा पा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पिछले साल चार बार एडवायजरी जारी कर मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 से जुड़े सभी दस्तावेजों की वैधता बढ़ाने का ऐलान किया था। कोरोना महामारी का संक्रमण फैलने के बाद पिछले साल मार्च में लॉकडाउन लगाया गया था। इसके बाद मंत्रालय ने लोगों की सुविधा के लिए गाड़ियों से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की वैधता बढ़ाने का फैसला किया था।
मंत्रालय की ताजा एडवाइजरी में राज्यों को सलाह दी गई है कि जो दस्तावेज इस साल 1 फरवरी और इसके बाद एक्सपायर हो चुके हैं, उन्हें 30 जून, 2021 तक वैध माना जाए। इसमें ये भी कहा गया है कि वैधता को बढ़ा देने से लोगों को ट्रांसपोर्ट से संबंधित सेवाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने राज्यों से इस एडवायजरी का पालन करने को कहा है, ताकि लोग किसी भी तरह की परेशानी से बच सकें।








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