पूजा माहेश्वरी
नगांव। हाल ही मे संपन्न हुए असम विधान सभा के चुनाव ने वर्षों से घोर शत्रुता के लिए चर्चित रहे दो शत्रुओं को आपस मे गले मिलाया। दोनों घोर शत्रु के रुप मे एआईयुडीएफ के सभापति मौलाना बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस वरिष्ठ नेता व प्रभावशाली पूर्व मंत्री रकिबुल हुसैन है।इस चुनाव मे कांग्रेस और एआईयुडीएफ के नेतृत्व मे गठित महाजोट गठन होने के बाद ये दोनों नेताओं के बीच घनिष्ठता मे बढ़ोतरी हो गई। एक समय रकिबुल हुसैन के साथ बदरुद्दीन अजमल के संबंध मे कटुता पुर्ण रहने के कारण रकिबुल हुसैन ने मौलाना बदरुद्दीन अजमल के विरुद्ध मुकदमा दायर किया था। परंतु अब राजनीतिक गिले-शिकवे दूर हो जाने पर रकिबुल हुसैन ने दायर मामला वापस ले लिया है। उल्लेखनीय है कि 2018 मे रकिबुल हुसैन ने एआईयुडीएफ के नेता बदरुद्दीन अजमल के विरुद्ध नगांव के प्रथम श्रेणी न्यायिक अदालत मे C.R 591/18 नंबर का एक मामला दर्ज कराया था। सोमवार को हुसैन ने मामला को वापस ले लिया।रकिबुल हुसैन ने कई दिन पहले बदरुद्दीन अजमल के होजाई स्थित निवास स्थान पर एक बातचीत मे शामिल हुए थेऔर शायद वही यह तय हो गया था कि हुसैन मामले को वापस ले लेंगे। इधर सोमवार को अदालत से निकलने के बाद रकिबुल हुसैन ने पत्रकारों से कहा की इस बार महाजोट के नेतृत्व मे असम मे सरकार होगी।इसलिए बीजेपी नेता डर गये है। हार्सट्रेडींग के संपर्क मे पुछे गये एक प्रश्न के उतर मे उन्होंने ने कहा कि भाजपा शंकित होकर इस प्रकार के प्रचार कर रही है। अगामी 2 म्ई को महाजोट की सरकार होना प्रायः निश्चित है, का मंतव्य करते हुए कहा कि भाजपा से ही कांग्रेस में नेता आएंगे। दो-चार विधायकों को घुमने जाने को वे लोग हार्सट्रेडींग के डर से कांग्रेस डर रहा का प्रचार चला रहे है। भाजपा के उम्मीदवार तथा नेता लोग मंदिर मंदिर घुम रहे है। इसके बारे मे भाजपा क्या कहेगी ?





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