गुवाहाटी। असम में लगातार दूसरी बार भाजपा नेतृत्वाधीन गठबंधन राज्य सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने अपनी पहली कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया था कि सप्ताह के प्रत्येक बुधवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। सरकार गठन के बाद बुधवार को लगातार सातवीं बैठक आयोजित की गयी जिसमें कई अहम निर्णय लिये गये। मुख्यमंत्री डॉ सरमा का मानना है कि कैबिनेट की बैठकों के जरिए सरकार के कार्यों की समीक्षा कर तेजी से क्रियान्वित करने संबंधी निर्णय लेने में आसानी होती है।
बुधवार को कैबिनेट की बैठक में लिये गये अहम निर्णयों के बारे में मंत्री केशव महंत, मंत्री पीयूष हजारिका और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जयंत मल्ल बरुवा ने मीडिया को जानकारी दी। बैठक में लिये गये निर्णयों में असम पुलिस की सभी आर्म्स बटालियन में सब-इंस्पेक्टर से लेकर कांस्टेबल तक के कर्मियों को उनके घर आने के लिए हर साल एक महीने की अनिवार्य छुट्टी दी जाएगी। क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रहने वाले कर्मियों को हर साल 10 दिन की छुट्टी दी जाएगी।
वस्तुओं के परिवहन के लिए सुलभ मूल्य की दुकानों का कमीशन 100.10 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 143 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। वहीं 860 सहकारी समितियों को राज्य में गोदामों के उपयोग, वस्तुओं के परिवहन आदि के लिए प्रति वर्ष पांच लाख रुपये की एक निश्चित राशि प्राप्त होगी।
एफसीआई गोदाम आदि से माल ले जाने के लिए परिवहन ठेके सहकारी समितियों को दिए जाएंगे। विधायक पद्म हजारिका की अध्यक्षता वाली समिति को दी गई जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए उनको कैबिनेट दर्जा दिया जाएगा। हजारिका की अध्यक्षता में सिपाझार के गोरुखुटी की 77 हजार बीघा भूमि को कृषि उद्देश्य के लिए दायित्व दिया गया है। गरुखुटी के बाद उन्हें और भी दायित्व दिया जाएगा।
कैबिनेट ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को ऑनलाइन शिक्षा के लाभ के लिए राज्य के सभी क्षेत्रों में आसान इंटरनेट एक्सेस के लिए जहां कहीं भी आवश्यक हो, मोबाइल टावर स्थापित करने के लिए सौंपने का निर्णय लिया।
मंत्री चंद्र मोहन पटवारी, अतुल बोरा और डॉ रनोज पेगु को कैबिनेट के फैसलों के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने और कैबिनेट को कार्यान्वयन की स्थिति के बारे में सूचित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। (हि.स.)








शुद्ध, स्पष्ट, एवं सत्य समाचार सरल भाषा मे प्रेषित करने के लिए समस्त पूर्वोत्तर हिन्दी भाषी समाज आपके राईज चैनल का आभारी हैं ।
जवाब देंहटाएं