गुवाहाटी। जिला प्रशासन और वन एवं पर्यावरण, मत्स्य, आबकारी मंत्री परिमल शुक्लबैद्य की उपस्थित में विभागीय अधिकारियों के साथ संबंधित विभाग के कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए सोमवार को कामरूप (मेट्रो) जिला के उपायुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में दिसपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अतुल बोरा, पश्चिम गुवाहाटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रमेंद्र नारायण कलिता, आबकारी विभाग के प्रधान सचिव राजेश प्रसाद आदि मौजूद थे।
बैठक के दौरान आबकारी विभाग को निर्देश दिए गये कि जिला में चुलाई शराब (देसी शराब) के अड्डों को पूरी तरह से बंद करने के साथ ही राज्य में कोई भी व्यक्ति अरुणाचली शराब न बेच सके इसके लिए उपयुक्त व्यवस्था करें।
लाली गुड़ (गीला गुड़) को बेचने के मामले में पशु चिकित्सा और पशुपालन विभाग के उचित प्रमाण न होने पर उचित कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि लाली गुड़ से बने शराब के सेवन से असम के लोगों की मौत हुई है। दूसरी ओर उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि चालू वर्ष के दौरान इस वर्ष अप्रैल-मई में आबकारी राजस्व में 60 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा करते हुए इस वर्ष अप्रैल-मई में 69 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व प्राप्त होने की बात कही।
दूसरी ओर गुवाहाटी के विख्यात दीपर बिल (झील) का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि उनका सपना न केवल असम में बल्कि, समूचे पूर्वोत्तर में भी दीपर बिल को नया रूप देकर पर्यटनस्थल के रूप में स्थापित करना है। इस सरकार के कार्यकाल में इस सपने को साकार किया जाएगा। इस मामले में उन्होंने जिलाधिकारी विश्वजीत पेगू को निर्देश दिया कि दीपर बिल के तहत वेटलैंड्स का नापजोख कर सौंदर्यीकरण सही तरीके से शुरू किया जाए। इसी तरह आमसांग अभयारयण्य, शील सांको बिल आदि की भूमि पर अतिक्रमण है, यह भूमि वनभूमि है या राज्सव भूमि, यह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में इन स्थानों को बेदखल के मामले में जोनल मास्टर प्लान तैयार कर वन विभाग से राजस्व विभाग के अधिकारियों का सहयोग करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने वन विभाग को वनों से निकलकर मानव बस्तियों में आने वाले हाथियों के मुद्दे पर भी बारीकी से नजर रखने का निर्देश दिया और इसका सार्थक समाधान निकालने का निर्देश दिया। दूसरी ओर उन्होंने सामाजिक वनीकरण विभाग को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के गुवाहाटी शहर को हरियाली के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एयरपोर्ट से आरंभ कर गुवाहाटी में पौधे लगाने का कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया। (हि.स.)








चुलाई जहरीली शराब पी कर प्रति वर्ष सैकड़ों लोग जान से हाथ धोते हैं। आश्चर्य होता है सरकार ने आबकारी विभाग व इसके तहत एक लम्बी फौज खड़ी कर रखी है और इस सफेद हाथी को पल रही है। सरकार या विभागीय अधिकारी के नाक तले चूलाई शराब बनती है, अड्डे सब जानते है पर, कार्यवाही के नाम पर मोटी रकम उगाही होती है और बंदर बांट हो रही है। कहां बनती है, कौन बनाता है, यह इलाके का हर व्यक्ति बच्चा बच्चा जनता है पर सरकारी कर्मचारी नहीं जानते करें सब जानते है। खैर जो हो आदरणीय आबकारी मंत्री ने एक पहल की है, कितना असर होगा या फिर " चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात" वाली कहावत सही होगी।
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