ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी
वन अधिकारी, शिक्षक और सरकारी कर्मचारी फर्जी किसान बन कर ले रहे हैं योजना के पैसे
लखीमपुर। केंद्र सरकार द्वारा 2018 में अपनाई गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रदेश के अन्य जिलों लखीमपुर जिले के कई वन अधिकारी, शिक्षक और सरकारी कर्मचारी फर्जी किसान बन कर ले रहे हैं योजना के पैसे। इन फर्जी किसानों को योजना में शामिल कर वास्तविक रुप से लाभान्वित होने वाले किसानों का हक मार रहे हैं संबंधित विभाग के सरकारी कर्मचारी ।इस प्रकार यह कहना अनुचित ना होगा कि यहां रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। इन तथ्यों का खुलासा होने के पश्चात लखीमपुर में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। इस योजना के माध्यम से जिले के कई गैर-किसान करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन संबंधित विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ ह। गौरतलब है कि पिछले साल भी लखीमपुर जिले के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी पीएम किसान योजना में भीषण अनियमितताएं हुई थीं। इस संदर्भ में कृषि विभाग ने पिछले 2020 वर्षों में अपात्र एवं त्रुटिपूर्ण किसानों से अर्जित धन की प्रतिपूर्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया है। लेकिन अधिकांश फर्जी किसानों ने विभागीय निर्देशों पर ध्यान नहीं दिया। फलस्वरूप, केंद्रीय योजना से धन के गमन में कई फर्जी किसानों द्वारा निभाई गई भूमिका के बाबजुद पुनः चालू वर्ष [२०२१] में इन फर्जी किसानों को इस वर्ष भी ला पाने वाले सूची में सूचीबद्ध कर वास्तविक किसानों को सरकार द्वारा चलाए गए इस योजना से वंचित करने का प्रयास कर रहा है लखीमपुर का कृषि विभाग।
कृषि विभाग पात्र किसानों के एक वर्ग को दो साल से अधिक समय से वंचित कर रहा है । प्रधानमंत्री किसान योजना में बड़ी अनियमितताओं की जानकारी मिलने के पश्चात संलग्न विवरण जमा कर विभागीय निदेशक ने मामले की समीक्षा के लिए जिला उपियुक्त को प्रेरित किया है । तथा जिला उपायुक्त ने इसकी छानबीन के लिए एक अतिरिक्त उपायुक्त को दायित्व दिया है ।उल्लेखनीय है कि जिला कृषि विभाग कार्यालय में 2020 सन में किसानों की जो तालिका प्रस्तुत की गई थी उसमें उक्त कार्यालय में अस्थाई रूप से कार्यरत कर्मचारी लक्की दत्ता, उनके पिता, उनकी माता , उत्तर लखीमपुर शहर के एक व्यवसाई डिंबेश्वर दत्ता , के अलावे करसन प्राथमिक विद्यालय की शिक्षा की शिक्षिका दीपा मनी दत्ता, लकी दत्ता के भ्राता तथा इत्यादि कई लोगों ने फर्जी किसान बंद कर सरकार द्वारा प्रदत इस योजना का लाभ लिया है ।इस प्रकार फर्जी किसान बंद कर सरकार द्वारा प्रदत्त योजना की राशि का आत्मसात करने की सूचना संवाददाताओं तक पहुंचने पर कृषि विभाग ने इन लोगों से प्राप्त धनराशि को लौटाने की सूचना दी थी ।परंतु इन लोगों ने सरकारी निर्देश को अंगूठा दिखाते हुए उक्त राशि को नहीं लौटाया ।विशेष उल्लेखनीय यह है की अस्थाई रूप से इस विभाग में कार्य करने वाला लकी दत्ता की नियुक्ति वन विभाग के रेंजर पद पर हुई है परंतु अभी भी प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के लिए दिए गए योजना में लाभार्थी के नाम की सूची में उनका नाम है। इस योजना से वंचित किसानों ने समाचार माध्यम के द्वारा सरकार से उन फर्जी किसानों से धन वापस लेकर इसके लिए सही उपयुक्त उम्मीदवारों को लाभ देने की अपील की है ताकि सरकार द्वारा प्रदत योजनाएं सही लोगों तक पहुंच सके और उनका सर्वांगीण विकास हो सके।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें