अमित नागोरी
गोलाघाट। गोलाघाट जिले के उपायुक्त मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जुलाई से सितंबर तक जापानी इंनकेफेलाइटिस और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के संभावित प्रकोप के प्रति जनता को सचेत करने हेतु विशेष रूप से आह्वान किया है ।उन्होंने इस बीमारी के बारे में विशेष रूप से चाय बागान क्षेत्रों, कृषि भूमि और सुअर पालन वाले क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह आह्वान बीते कल जिला उपायुक्त के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय वाहक रोग नियंत्रण कार्यक्रम गोलाघाट के सौजन्य से जापानी इंनकेफेलाइटिस और एएस जिला कर्मवाहिनी के बैठक में उक्क्त आह्वान उपायुक्त ने किया । उन्होंने लोगों से उक्त अवधि के दौरान जितना हो सके सूअरों से दूर रहने का आग्रह किया और कहा कि कोविड परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए रक्त जांच के नमूनों की संख्या जल्द से जल्द बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने शहर में मच्छरों के संख्या के बढ़ने के संदर्भ में यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि पानी के जमा होने वाले स्रोत, जैसे थर्मोकपल, पुराने टायर आदि जमा नही होने देने और धुँआ के माध्यम से उचित व्यवस्था करने का निर्णय लिया। इसके अलावा उपायुक्त ने मलेरिया रोग आदि के संदर्भ में नगरपालिका को छिड़काव आदि के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि हर विभाग के सहयोग और सतर्कता से इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है।
कार्यक्रम में शामिल स्वास्थ्य सेवाएं गोलाघाट के संयुक्त निदेशक डॉ. अरुण चंद्र महंत ने कहा कि बुखार होने से बुखार की उपेक्षा किए बिना जल्द से जल्द अस्पताल आने का आग्रह किया । उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति बुखार के कारण घर में बेहोश हो जाता है तो उसे किसी भी तरह से किसी भी व्यक्तिगत वाहन में अस्पताल नहीं ले जाना चाहिए बल्कि एम्बुलेंस सुविधा का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने सुअर पालने वालों से अगले 3 महीने तक सुअर के खुरों में मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की भी अपील की। उन्होंने किसानों से लंबी बाजू के कपड़े पहनने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी नवनीता दास ने पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन की मदद से गोलाघाट जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस और एस ए एस की वर्तमान स्थिति और इसके संभावित प्रकोप को रोकने में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अचानक बुखार, प्रलाप, बेहोशी आदि जैसे किसी भी लक्षण के मामले में तत्काल चिकित्सके से सम्पर्क करने का आह्वान किया।इससे पहले गोलाघाट जिले केे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीडी) डॉ. नीलिमा फुकन ने बैठक का उद्देश्य बताया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन समेत अन्य विभागों के आला अधिकारियों ने भाग लिया।








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