गुवाहाटी। पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश और ऊपरी असम के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के चलते लखीमपुर जिला से होकर बनने वाली सिंगरा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है जिसकी वजह से दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भर प्रवेश कर गया है।
वहीं, निचले असम के दक्षिण सालमारा-मानकचार जिले में भी पड़ोसी राज्य मेघालय में लगातार हो रही बारिश के चलते कई नदियां ऊफान पर हैं। इसकी वजह से नदी के किनारे बसे कुछ गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। प्रशासन संभावित बाढ़ के मद्देनजर काफी पहले से ही इससे निपटने के लिए तैयारी अपनी पूरी कर रखी है।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने पिछले दिनों राज्य के जन संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ ही सभी जिला उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठकर बाढ़ से निपटने के लिए अपनी तैयारी पूरी करने, जरूरी सामानों का भंडारण करने तथा नदियों के तटबंधों को मजबूत बनाने का आदेश दिया था।
वहीं, शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में हुए भारी बारिश के कारण रंगा नदी पर बने निपको जल विद्युत परियोजना के बांध में क्षमता से अधिक पानी भर गया था। ऐसे में बांध की सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार को परियोजना के अधिकारियों ने बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ दिया जिसके चलते रंगा नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी।
जानकारी के अनुसार निपको प्रबंधन ने लखीमपुर जिला प्रशासन को पानी छोड़ने से पहले ही प्रशासन को चेतावनी जारी किया था। निपको के बांध के गेट नंबर चार से प्रति सेकेंड 300 घन मीटर पानी छोड़ा गया। बाद में शाम चार बजे के आसपास बांध से चार हजार 500 घन मीटर पानी छोड़ा जाने लगा।
बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के चलते नदी के किनारे बसे गांवों में पानी घुसने लगा। जिसके देखते हुए गांव वाले अपने कीमती सामानों के साथ ऊंचाई वाले स्थानों पर आश्रय लेने के लिए मजबूर हुए। निपको प्रकल्प से पानी छोड़े जाने के तीन घंटा बाद ही लखीमपुर जिला में अपनी रौद्र दिखाने लगा।
बाढ़ के चलते लखीमपुर नगर से डिजू को पाचनै इलाके को जोड़ने वाले बांस से बना एकमात्र पुल पानी में बह गया। जिसके चलते 10 गांवों का संपर्क कट गया। प्रशासन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अपनी ओर से हर संभव कोशिश कर रहा है। (हि.स.)





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