गुवाहाटी। शिवसागर जिले के विधायक और राइजर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई हमेशा अपने बयानों से मीडिया का ध्यान आकृष्ट करते हुए सनसनी फैलाने की कोशिश में जुटे रहते हैं। बुधवार को फिर से मीडिया के सामने सरकार पर अपने आपको गिरफ्तार करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
मोओवादी संपर्क के तहत चांदमारी थाने में पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एआईए) ने लेते हुए अखिल पर देशद्रोह का आरोप लगाते हुए 2019 में गिरफ्तार कर लिया था। जेल में बंद रहते हुए वे शिवसागर से विधायक चुने गये।
गोगोई हाल ही में एनआईए कोर्ट से बरी होने के बाद असम विधानसभा के बजट सत्र की कार्रवाई में गत तीन दिनों से हिस्सा ले रहे हैं। अपनी पार्टी के एकमात्र विधायक गोगोई प्रतिदिन कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं कि वे मीडिया में बने रहें। इसी कड़ी में बुधवार की सुबह सदन की कार्यवाही से पहले ही विधानसभा भवन के बाहर एक संवाददाता सम्मेलन कर सरकार पर फिर से गिरफ्तार करने का आरोप लगा दिया।
गोगोई ने आज कहा कि मेरी किसी भी समय गिरफ्तारी हो सकती है। चांदमारी थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मेरी गिरफ्तारी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मुझे असम के लोगों के काफी सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एनआईए अदालत द्वारा उनके ऊपर लगाए गए आरोप को फर्जी बताते हुए बरी कर दिया था, जिसके बाद एनआईए की टीम ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है जिसकी बुधवार को पहली सुनवाई हुई। उन्होंने कहा कि अब वह जेल से बाहर आ चुके हैं। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा और गृह मंत्री अमित शाह नहीं चाहते कि मैं जेल से बाहर रहूं। जिसकी वजह से सरकार मुझे फिर से गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहती है।
अखिल के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया में उनकी जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही है। मीडिया को संबोधित करते हुए अखिल ने सरकार पर राज्य में एनकाउंटर करने का आरोप लगाते हुए सभी एनकाउंटर्स की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में पुलिस राज कायम करना चाहती है। अखिल ने ये बातें विधानसभा में प्रश्नकाल के उत्तर पर बिना सदन आरंभ हुए मीडिया में सार्वजनिक कर दी। जिसको लेकर सदन में सत्ता पक्ष के विधायकों ने अखिल को सदन की मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया। (हि.स.)








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