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हम 'उड़ता असम' बनने की ओर बढ़ रहे थे: मुख्यमंत्री डॉ. सरमा

 


गुवाहाटी। असम में अवैध ड्रग्स के कारोबार को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य बॉलीवुड फिल्म उड़ता पंजाब की कहानी की तरह ड्रग्स के बोझ तले 'उड़ता असम' बनने की ओर बढ़ रहा था।


ये बातें मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने बुधवार को असम विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे प्रश्नोत्तर के बाद शून्यकाल में असम गण परिषद (अगप) के विधायक प्रदीप हजारिका द्वारा राज्य में बढ़ते ड्रग्स के कारोबार को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में कहीं। डॉ सरमा ने कई बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे असम सरकार राज्य में किसी भी तरह के अवैध ड्रग्स व्यवसाय या मादक द्रव्यों के सेवन को रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रही है।


बिश्वनाथ जिला की दो महिलाओं के ड्रग्स की शिकायत करने को लेकर आश्चर्यचकित होने की कहानी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “एक बार बिश्वनाथ चाराली में दो महिलाओं ने मुझसे ड्रग्स का कारोबार बंद करने की गुहार लगाई। मुझे आश्चर्य हुआ कि बिश्वनाथ में ड्रग्स कैसे पहुंच गया? उन्होंने मुझे बताया कि नशीले पदार्थों के कारण अच्छे परिवार बर्बाद हो रहे हैं। बच्चे नशीले पदार्थों की खरीद के लिए अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। फिर भी मुझे संदेह था कि यह एक मामला हो सकता है। हमारे समाज में एक और वर्ग है जो पूर्व नशेड़ी थे। उन्होंने खुलासा किया कि जेल से लेकर अस्पतालों से लेकर छोटी-छोटी दुकानों तक हर जगह ड्रग्स उपलब्ध है। गुवाहाटी में डिलेवरी नेटवर्क के माध्यम से घरों ड्रग्स ऑर्डर के जरिए पहुंच सकता है। लॉकडाउन के दौरान भी ड्रग्स की होम डिलीवरी जारी रही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हम फिल्म उड़ता पंजाब में पंजाब की तरह धीरे-धीरे 'उड़ता असम' की ओर बढ़ रहे थे। हमारा पूरा समाज अनजाने में विनाश की ओर बढ़ रहा था। एक तरफ हम वर्क कल्चर की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ ऐसे लोग हैं जो हमारे पूरे समाज को तबाह करने के लिए ड्रग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि हमने इस खतरे के खिलाफ काम करने का फैसला किया। असम पुलिस ड्रग्स को जब्त करने और डीलरों को गिरफ्तार करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। हेरोइन की वार्षिक वसूली से पता चलता है कि असम में इसकी उपलब्धता बढ़ रही है। लेकिन वास्तविक मात्रा जो परिवहन या बेची जा रही है वह जब्त की गई मात्रा से कई गुना अधिक है। पुलिस वास्तविक मात्रा का केवल 10 प्रतिशत ही जब्त कर पाई है।


मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि मेरे सत्ता संभालने के बाद पिछले दो महीनों के दौरान राज्य में कुल ड्रग्स से संबंधित कुल 1021 केस दर्ज किये गये हैं जबकि इस मामले में 1097 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि एक किग्रा हेरोइन की कीमत डेढ़ से दो करोड़ रुपये है। इस तरह पिछले दो महीने में 27.631 किग्रा हेरोइन,12,823 किग्रा गांजा, 41 किग्रा ओपियम, 78 हजार बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप, 13,63,183 याबा टेबलेट, तीन किग्रा मार्फिन, 15 हजार फेक करेंसी और एक करोड़ 80 लाख रुपये नगद जब्त किये गये हैं।


मुख्यमंत्री ने पुलिस ड्रग्स विरुद्ध जारी कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि आगामी 17 और 18 जुलाई को जिन-जिन जिलों में ड्रग्स पकड़े गये हैं, उसे सार्वजनिक रूप से जलाया जाएगा। उन्होंने जिलों के अभिभावक मंत्री और स्थानीय विधायकों से इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं इस मौके पर मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद ही हमने पुलिस के साथ एक बैठक कर यह साफ कर दिया था कि ड्रग्स के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस के तहत हमारी सरकार काम करेगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस के साथ सदन से खड़ा होने का भी आह्वान किया। (हि.स.)

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