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सिक्किम में सामाजिक, धार्मिक और मनोरंजन गतिविधियों पर एक महीने का प्रतिबंध

 


गंगटोक। सिक्किम सरकार ने अगले एक महीने के लिए राज्य में सभी सामाजिक, धार्मिक और मनोरंजन से संबंधित गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अगले एक महीने तक राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों, पूजा, जन्मदिन पार्टियों और अन्य समारोहों पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, घरेलू पूजा और पूजा स्थलों पर अनुष्ठानों को छूट दी गई है। धार्मिक स्थलों और संस्थानों में आगंतुकों पर भी प्रतिबंध लगाया है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की अध्यक्षता में गुरुवार को सम्मान भवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।


उल्लेखनीय है कि सिक्किम समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस विषय को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पूर्वोत्तर के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कोरोना से बचाव और संक्रमण की रोकथाम के लिए कई सुझाव दिए थे।


राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में अंतिम संस्कार और अंत्येष्टि में भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने की प्रथा पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस वाहनों की आवाजाही में ऑड-ईवन नियमों का सख्ती से पालन करेगी। कंटेनमेंट पहल के विषय की समीक्षा के बाद बैठक में कहा गया कि अब से यदि किसी वार्ड या गांव का कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो पूरे वार्ड को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया जाएगा। शहर या टाउन के मामले में पूरी भवन को कंटेन किया जाएगा।


बैठक में मुख्यमंत्री तमांग ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से अंतरराज्यीय सीमा से सिक्किम में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए सशुल्क संगरोध सुविधा की समीक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से परीक्षण पर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया।


मुख्यमंत्री ने शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाने को कहा। उन्होंने पर्यटन विभाग को सुरक्षा उपाय अपनाकर पर्यटकों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने श्रम विभाग और पुलिस विभाग को राज्य में मजदूर वर्ग की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।  (हि.स.)

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