गुवाहाटी। पूर्वोत्तर की व्यावसायिक राजधानी के रूप में विख्यात गुवाहाटी के फैंसी बाजार में शुक्रवार को गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी) ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर खाद्य सामग्री, सब्जी, फल आदि विक्रेताओं को हटाया। जीएमसी ने फुटपाथ व सड़क को खाली कराने का अभियान सर्किल अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ चलाया।
फुटपाथ व सड़क पर सामान बेचने वाले दुकानदारों को पूरी तरह से हटाया गया। इस दौरान जीएमसी कर्मचारी दुकानदारों की टोकरियों को अपने वाहनों में उठाते देखे गये।
इस सम्बन्ध में कुछ सब्जी व फल विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि जीएमसी रोजाना सफाई के नाम पर प्रत्येक कारोबारी से बिना रसीद के 20 रुपये वसूलती है। साथ ही जीएमसी कर्मचारी जब कभी इच्छा होती है तो पहुंचकर अलग से वसूली करते हैं। इसके बावजूद कभी-कभी जीएमसी के शीर्ष अधिकारियों के निर्देश पर इस तरह का अभियान चलाया जाता है।
फुटपथिया दुकानदारों का कहना है कि जब भी जीएमसी की ओर से अभियान चलाया जाता है तो उन दुकानदारों को पहले ही जीएमसी कर्मी सूचना दे देते हैं, जिनसे रोजाना बिना रसीद के 20 से 50 रुपये की वसूली करते हैं।
उल्लेखनीय है कि फैंसी बाजार ऐसा इलाका है जहां पर असम समेत पूरे पूर्वोत्तर के दुकानदार थोक खरीददारी करने के लिए पहुंचते हैं। यही कारण है कि इस बाजार में काफी भीड़ होती है। फुटपथिया दुकानदारों के द्वारा खासकर सब्जी और फल बिक्रेताओं द्वारा फुटपाथ और सड़क पर टोकरी लगाकर दुकानदारी करने के चलते बाजार में पैदल चलना भी दूभर है।
स्थानीय कुछ दुकानदारों का कहना है कि पुलिस प्रशासन से लेकर जीएमसी तक सभी इस बात को भली भांति जानते हैं कि फैंसी बाजार में रास्तों पर अवैध कब्जा कर दुकानदारी की जाती है। इसके बावजूद कोई स्थायी समाधान होता नहीं दिखता है। कभी-कभी जीएमसी कर्मचारी अभियान चलाकर फुटपाथ को खाली तो कराते हैं, लेकिन उनके जाते ही फिर से दुकानें सज जाती हैं। इस समस्या के लिए सिर्फ जीएमसी, पुलिस प्रशासन ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि कुछ दादा किस्म के लोग भी हैं, जो पैसे लेकर फुटपाथ पर दुकानें लगवाने में मदद करते हैं।








फैंसी बाजार में ही क्यों ? उजान बाजार नदी किनारे फुटपाथ और सड़क पर मछली विक्रेताओं के चलते चलना दूभर है,वहां चलाया जाए ये अभियान। पूरे जी एस रोड़ पर फुटपाथ पर सब्जी,फल,चाय,पान वाले बैठे मिलते हैं,उन्हें भी हटाया जाना चाहिए। गरीब क्या खायेगा,पैसे कैसे कमाएगा इस कि जानकारी भी सरकारी मुलाज़िम साथ मे दे तो अच्छा हैं।
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