अमित नागोरी
गोलाघाट। उद्योग एवं वाणिज्य, परिवहन राज्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने गोलाघाट जिले में कोविड स्थिति की समीक्षा की। आज मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले के कोविड-19 परिस्थिति का जायजा लेने हेतु आए श्री पटवारी ने कृषि मंत्री तथा बोकाखात विधायक अतुल बोरा, सरूपत्थर के विधायक विश्वजीत फूकन, जिला प्रशासन के आला अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ गोलाघाट जिला उपायुक्त कार्यालय में एक बैठक में भाग लिया।
मंत्री ने जिले के 3 सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे कोविड मरीजों के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी संबंधित अस्पतालों के काउंसलर और स्वास्थ्य सेवा के संयुक्त निदेशक से ली। उन्होंने बच्चों में कोविड संक्रमण को रोकने के लिए जिले में संक्रमित बच्चों की अच्छी देखभाल करने के निर्देश दिए। श्री पटवारी को यह भी पता चलता है कि जिले में दवाओं, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं है। उन्होंने जिले के मरीजों के लिए 10 अतिरिक्त एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने गरीबी रेखा से नीचे के जरूरतमंद लोगों को बिना कार्ड के नि:शुल्क उपचारात्मक रेमदेसीवीर दवा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जिला प्रशासन को हर संभव सहायता देगी, जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि सिर्फ मरीजों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों को पर्याप्त रूप से कीटाणुरहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जहां संक्रमण का खतरा है। साथ ही कहा नियमो का उल्लंघन करने वाले व्यापारिक प्रतिस्थानो को एक सप्ताह के लिए सील कर दे।
मंत्री ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी को पूरे जिले में मोबाइल वाहन द्वारा माइक की मदद से पूरे जिले में जागरूकता पैदा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिले की बाढ़ की समस्या की भी जानकारी ली।
मंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए खासकर धनशीरी उप-मंडल के समस्यायों पर चर्चा की। पत्रकारों के साथ एक बाद के साक्षात्कार में, उन्होंने जिले में कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने के लिए लोगो को पालन करने का आह्वान किया।
कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि जिले में इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए प्रशासन को सख्त होना चाहिए। उन्होंने कहा, अब इस लड़ाई को जीतने के लिए दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लोग, प्रशासन, पुलिस, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रशासन और स्वास्थ विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।








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