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शक्ति प्रदर्शन में मशगूल लखीमपुर पुलिस

 


ओम प्रकाश तिवारी व राजेश राठी

आम जनता को बेरहमी से पीटने के पश्चात

समाचार संग्रह के समय किया पत्रकार को अपमानित

लखीमपुर। मानव जन जीवन की रक्षा के अपने कर्तव्य के लिए प्रसिद्ध पुलिस प्रशासन के अनुयाई लखीमपुर पुलिस आम जनता पर शक्ति प्रदर्शन करने में परेशान है। लखीमपुर को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के पश्चात आम जनता को घर से बाहर निकलने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा बेरहमी से उनको पीटने की खबर है ।आब  आम जनता को खुलेआम  पीट कर अपना शक्ति प्रदर्शन करने के दौर में उनके हाथ पत्रकारों के गिरेबान तक भी जा पहुंचे। घटना 8 जुलाई की लखीमपुर शहर के मध्य स्थित बालिका उच्चतर विद्यालय  के पास स्थिति चारीअली की  है जब उत्तर लखीमपुर प्रेस क्लब के सदस्य तथा हिंदी समाचार पत्र के पत्रकार राजेश राठी समाचार संग्रह के लिए उक्त चिरियाली पर पहुंचे जहां शर्मा उपाधि धारी नामक पुलिस अधिकारी लोगों के दोपहिया वाहनों की जांच कर रहे थे। उन्होंने राजेश राठी के साथ दुर्व्यवहार किया और अपना परिचय पत्रकार के रूप में देने पर भी उन्हें उक्त स्थल का समाचार संग्रह करने पर बाधा प्रदान किया और अपमानजनक शब्दों से वहां से जाने के लिए कहा। फलतः उत्तर लखीमपुर प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य एवं हिंदी समाचार पत्र के पत्रकार राजेश राठी के साथ सामाचार संग्रह करने के कार्य में बाधा प्रदान करने तथा दुर्व्यवहार  करने की घटना पर आज लखीमपुर प्रेस क्लब में एक आवश्यक बैठक संपन्न हुई । जिसमें यह निर्णय लिया गया कि भारतीय संविधान के चतुर्थ स्तंभ माने जाने वाले समाचार माध्यम के पत्रकार के ऊपर उसके कार्य के समय लखीमपुर में कार्यरत एन शर्मा नामक पुलिस अधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार करना एक अशोभनीय कार्य है । लखीमपुर प्रेस क्लब लखीमपुर पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए इस दुर्व्यवहार की निंदा करती है।  8 जुलाई को पुलिस द्वारा किए गए इस घटना की सूचना पत्रकार राजेश राठी द्वारा लखीमपुर जिला उपायुक्त तथा लखीमपुर पुलिस अधीक्षक को दी गई परंतु उसके ऊपर संबंधित विभाग द्वारा उक्त पुलिस अधिकारी के ऊपर किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने की सूचना ना तो राजेश राठी को और ना ही लखीमपुर प्रेस क्लब को  दी गई आज 2 दिनों के पश्चात। इसलिए लखीमपुर प्रेस क्लब की बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अगले 24 घंटे में अगर लखीमपुर पुलिस अधीक्षक अपने संबंधित अधिकारी द्वारा पत्रकार के ऊपर किए गए दुर्व्यवहार के खिलाफ किसी भी प्रकार की अनुशासनिक कार्रवाई करके  उसकी सूचना लखीमपुर प्रेस क्लब को नहीं देते हैं  तो 24 घंटे की अवधि समाप्त होने के पश्चात एक सप्ताह तक लखीमपुर प्रेस क्लब ने किसी भी प्रकार की सरकारी समाचार प्रकाशित  न करने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना लखीमपुर जिला उपायुक्त को लखीमपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष शैलेन बरुआ , महासचिव करुणाकृष्ण नाथ द्वारा दी गई है। उत्तर लखीमपुर प्रेस क्लब ने लखीमपुर जिला उपायुक्त से भी 24 घंटे की अवधि में इस विषय से संबंधित  कार्यवाही पर विचार कर उक्त कार्यवाही के विषय में लखीमपुर प्रेस क्लब को अवगत करवाने का अनुरोध किया है।


विशेष उल्लेखनीय है कि लखीमपुर पुलिस सरकार लखीमपुर को कंटेनमेंट जोन घोषित किए जाने के पश्चात आम लोगों के साथ बर्बरता से पेश होते दिखाई दे रही है। कुछ दिन पूर्व लखीमपुर पुलिस द्वारा एक पेट्रोल पंप के मालिक को बुरी तरह पीटा गया था ।जब वह पेट्रोल पंप का मालिक अपने पेट्रोल पंप पर तेल की आम जनता के हित में तेल की उपलब्धता बरकरार रखने के लिए पैसे लेकर बैंक जाने के लिए सुबह निकला था। घर से निकलते ही सड़क पर रोकर पूछताछ करने वाले  पुलिस के जवान को  स्पष्ट रूप से बताया था  कि वह पेट्रोल पंप का मालिक है उसके साथ पैसे हैं वह लालूक स्थित अपने  पेट्रोल पंप जा रहा है। हालांकि उक्त घटना की जानकारी 8 जुलाई को घटना होने के पश्चात ही लखीमपुर जिला उपायुक्त तथा लखीमपुर जिला पुलिस अधीक्षक को पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन द्वारा दी गई थी परंतु दुर्भाग्यवश जहां प्रशासन और पुलिस आम जनता की भलाई के लिए तत्पर रहते हैं वही यह घटना 8 जुलाई की है लेकिन आज 10 जुलाई तक भी जिला पुलिस प्रशासन अथवा जिला प्रशासन द्वारा उक्त घटना से संबंधित की गई विभागीय कार्यवाही की किसी भी प्रकार की खबर संबंधित पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन को नहीं दी गई है। आम जनता ने भी जिला उपायुक्त से पुलिस बल द्वारा इस प्रकार किए गए किए जा रहे अनावश्यक बल प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।

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