गुवाहाटी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया ने भाजपा नीत गठबंधन सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सदन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नामरूप थर्मल पावर प्लांट में नया टर्बाइन लगाकर उसे कार्यक्षम बनाने की बात सरकार ने कही थी। इसके लिए सरकार ने लगभग 600 करोड़ रुपये व्यय किया था। प्लांट को चालू करने के लिए दो बार तिथि घोषित करने के बाद भी उसे स्थगित कर दिया गया।
इस परियोजना का उद्घाटन पिछले साल मई में पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के द्वारा होने की बात कही गयी थी। हमने परियोजना के काम में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग की थी और पूर्व मुख्यमंत्री सोनोवाल ने भी जांच का आश्वासन दिया था लेकिन, आज सोमवार को बजट सत्र के दौरान इस संबंध में जब हमने सवाल किया तो जवाब में भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं होने की बात सरकार की ओर से कही गयी है।
सैकिया ने कहा कि तत्कालीन राज्य के ऊर्जा मंत्री और वर्तमान सांसद तपन गोगोई की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण ही यह परियोजना बर्बाद हो गई। आज भी इसे चालू नहीं किया जा सका है। इसके चलते सरकार जनता से बिजली टैरिफ के नाम पर परेशान कर रही है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष द्वारा पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं की असामान्य छूती कीमतों में वृद्धि के विरोध में विधानसभा नियमों के अनुसार सदन के सभी कार्यक्रमों को रद्द करते हुए मूल्य वृद्धि पर चर्चा करने और सरकार को कुछ सलाह देने के लिए सदन स्थगित करने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन, विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया।
साथ ही सदन के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज विधानसभा में मैने एक प्रश्न किया था कि वर्ष 2016 से अब तक पड़ोसी राज्यों के लोगों ने असम की धरती पर कितनी बार अतिक्रमण किया है? इसके आधार पर केवल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 127 मामले दर्ज किए गए हैं। इस पर मैंने विस्तार से अपनी बातों को रखा। (हि.स.)








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