रविन्द्र तोदी
धुबड़ी। धुबड़ी-गौरीपुर समाज के जागरूक नागरिकों व गौरीपुर राज परिवार के सदस्यों ने ऐतिहासिक मां महामाया मंदिर की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण व अवैध निर्माण को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इस मामले में असम सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में धुबड़ी स्थित लायंस क्लब परिसर में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कर गौरीपुर राज परिवार की सदस्या व प्रमथेश चंद्र बरुआ की पौत्री मौसमी बरुआ राय ने सीधा आरोप लगाया है कि बिना "डेमारकेशन" मां महामाया मंदिर की जमीन पर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। जबकि मंदिर की जमीन पर लोगों ने अवैध रूप से दखल कर रखा है। वहीं महामाया मैदान के पास स्थित पूराने मंदिर की खाली पड़ी जमीनों पर अवैध दुकानों व एक तरह का बाजार लगना शुरू हो गया है।राज कन्या मौसमी बरुआ ने पत्रकारों को बताया कि इस संबंध में कई दफे संबंधित विभाग, जिला प्रशासन को अवगत कराया गया परंतु आश्चर्यजनक रूप से सभी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। और निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि धुबड़ी गौरीपुर समाज के नागरिक व आम लोग ऐतिहासिक गौरीपुर व मां महामाया मंदिर का सर्वांगीण विकास चाहते हैं। तथा कहा कि असम सरकार द्वारा असम दर्शन योजना के तहत मंदिर विकास के लिए तीन करोड़ रूपए का अनुदान दिया गया है। तथा इस भारी भरकम राशि का समुचित व्यवहार हो इसे लेकर नागरिकों को जागरूक होना होगा।मौसमी बरुआ ने धुबड़ी गौरीपुर के मिडीया जगत से भी इस मामले में सहयोग का आह्वान किया। तथा असम सरकार से गौरीपुर के ऐतिहासिक मां महामाया मंदिर के एप्रोच रोड, अन्य जमीनो, संपत्तियों के संरक्षण में पहल व हस्तक्षेप की मांग की गई है।साथ ही अतिक्रमण को लेकर राजस्व चक्राधिकारी कार्यालय पर ढ़ीला रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। तथा जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर मंदिर की पूरानी निष्क्रिय एडहोक कमेटी को भंग कर नये सिरे से मंदिर की प्रबंधन कमेटी बनाने की मांग की गई है।








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