ओम प्रकाश तिवारी व राजेश राठी
लखीमपुर। तमाम बंदिशों और सरकारी दिशा निर्देशों के बावजूद लखीमपुर जिले में खुले आम उड़ाई जा रही है कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां। जिले में लगातार बढ़ रहे कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन की ओर से समय-समय पर एस ओ पी जारी कर नित्य नए-नए दिशा निर्देश तो दिए जा रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को अंगूठा दिखाते हुए लोग उक्त एसओपी के माध्यम से दिए गए दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाने में किसी प्रकार की कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहते। जिसका ज्वलंत उदाहरण शहर में गहराती जा रही ट्रैफिक जाम की समस्या, बाजारों एवं रेलवे स्टेशन में सरकार द्वारा सामाजिक दूरी का पालन ना करना, दुकानों के बाहर ग्राहकों के लिए सैनिटाइजर या फिर साबुन और पानी की व्यवस्था ना करना, दोपहिया वाहनों पर जानबूझकर दोहरी सवारी कर पुलिस के नाक के नीचे से गुजरना, निजी कारों का मेडिकल सेवा तथा अति आवश्यक सेवा के नाम पर कार पास निकालकर उक्त वाहन को कोबीड प्रोटोकॉल का पालन करने वाले लोगों को दिखा दिखा कर शहर की सड़कों पर अनावश्यक इधर-उधर अपने दोस्तों के साथ आवारा गिरी करते हुए घूमना, इत्यादि, इत्यादि। जबकि जिले में इस वैश्विक महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप अभी तक समाप्त नहीं हुआ है । शहर के एन.टी.रोड, ठाकुरबारी रोड, के.बी रोड, डी.के.रोड, सी.डी.रोड, बजार रोड, इत्यादि सड़कों पर इतना जबरदस्त ट्रैफिक जाम होता है जिसको देखने के पश्चात कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने वाले लोग भी भयभीत हो रहे हैं। इसके अलावा शहर के बाजार और रेलवे स्टेशन की तो बात ही कुछ और है। शहर के बाजारों में खरीददारी करने लोगों का हुजूम कई दुकानों पर इस प्रकार उमड़ रहा है जिसको देखने के पश्चात कोई भी यह कहेगा कि लखीमपुर ही एकमात्र ऐसा जिला बचा है जहां पर कोरोना वायरस ने दस्तक दी ही नहीं हो, लेकिन अंदर की बात कुछ और ही है की लखीमपुर जिले में इस वैश्विक महामारी के कारण कितने लोग संक्रमित हुए हैं तथा कितने लोगों को काल अपना ग्रास बना चुका है। इतना ही नहीं लखीमपुर के रेलवे स्टेशन में भी बड़े ठाट बाट के साथ कोबिड़ प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही है। क्योंकि सफर करने वाले ज्यादातर यात्रियों के मुख मंडल पर ना तो मास्क परिधान किया हुआ था तथा सामाजिक दूरी की बात ही क्या करनी। सामाजिक दूरी के नाम पर लोग एक दूसरे के साथ कंधे पर हाथ रखकर इस प्रकार चिपके हुए खड़े नजर आए की मानो रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट लिए कोरोना वायरस की एंट्री पर प्रतिबंध ही लगा हुआ हो। रेलवे स्टेशन पर इस प्रकार का दृश्य मात्र सफर करने वाले यात्रियों के मध्य ही नहीं था बल्कि अपनी मंगलमय यात्रा को संपूर्ण कर अपने गंतत्तवा पर उतरने वाले यात्रियों का कोबिड जांच करने वाले जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए चिकित्सकों एवं वहां पर कार्यरत पुलिस प्रशासन के समक्ष का दृश्य है। इसके अलावा अगर एक नजर शहर की ट्रैफिक पर दौड़ाए तो उसकी बात ही अनोखी है। एक तरफ पुलिस दो पहिया वाहन चालकों पर बिना मास्क परिधान कर, बिना हेलमेट पहने वाहन चलाने पर, अनाआवश्यक अपने वाहनों को लेकर इधर उधर घूमने पर, इत्यादि जैसे लोगों पर थोड़ी देर के लिए कढ़ाई कर उनसे जुर्माना वसूल रही हैं । लेकिन वहीं दूसरी तरफ पुलिस द्वारा नाकाबंदी कर की जा रही कडाई को दूर से ही देख कर चालाक और चतुर वाहन चालक पुलिस की आंखों से महज कुछ ही कदमों की दूरी से अपने वाहनों को घुमा कर दूसरे रास्तों से निकाल कर ले जाने में सफल हो रहे हैं। तथा वहां पर तैनात पुलिस मूकदर्शक बनकर उक्त चालाक और चतुर वाहन चालकों को टकटकी लगाकर देखने के अलावा और कुछ भी नहीं कर पा रही है। लोगों की इन्हीं लापरवाही की वजह से लखीमपुर जिले में कोरोना को नियंत्रित कर पाने में प्रशासन को आशा अनुरूप सफलता नहीं मिल पा रही है जिसके फलस्वरूप दिन प्रतिदिन स्थिति बद से बदतर होते जा रही है । पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा बढ़ती जा रही ढिलाई तथा कोवीड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले लोगों की बेशर्मी को देखते हुए समाज का शिक्षित वर्ग कोविड जैसी वैश्विक महामारी को नियंत्रित करने में कानून को तोड़कर बाधा उत्पन्न करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने के लिए लखीमपुर जिला उपायुक्त सुमित सत्तावन से मांग कर रहे हैं। क्योंकि उनके द्वारा की गई लापरवाही के कारण अगर जिले में कोरोना वायरस की तीसरी लहर दस्तक दे देती है तो फिर स्थिति और भी भयावह हो सकती है।








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