अमित नागोरी
गोलाघाट। जिला सड़क सुरक्षा समिति, गोलाघाट की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में सम्पन्न हुई । पुलिस अधीक्षक डॉ रॉबिन कुमार, एडीसी मून गोगोई, जिला परिवहन अधिकारी दिव्यज्योति करजी और समिति के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में उपायुक्त श्री मृगेश नारायण बोरुआ की अध्यक्षता में हुई बैठक में संख्या सहित सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई । बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारण, पथ सुरक्षा वाहिनी का पुन: गठन, ओवरलोडिंग का मुद्दा, सड़क सुरक्षा साइनेज की उचित स्थापना, सड़क सुरक्षा निधि का उपयोग, नो हेलमेट नो पेट्रोल नीति आदि पर चर्चा की गई । बैठक में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों पर भी चर्चा की गई । उपायुक्त ने डीटीओ को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पुन: विश्लेषण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कमरगांव, बोकाखाट और रोंगाजान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्ट्रेचर, साइनेज और बैरिकेड लगाकर सड़क सुरक्षा कोष का उपयोग करने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने डीटीओ को स्वास्थ्य अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल कर प्रायोगिक आधार पर ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में पथ सुरक्षा वाहिनी बनाने का निर्देश दिया । उपायुक्त ने पिछले छह माह की यातायात अपराध रिपोर्ट के साथ ही सड़क दुर्घटना के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए डीटीओ को यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए । उन्होंने 15 अगस्त के बाद जिले में सड़क हादसों की संख्या को कम करने के लिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । श्री बोरुआ ने अधिकारियों को हरी पत्ती वाले चाय ढोने वाले वाहनों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रात 8 बजे के बाद पूरे जिले में ऐसे किसी भी वाहन की अनुमति नहीं दी जाए।
इसके अलावा डीटीओ ने जनवरी से जून, 2021 की अवधि में दुर्घटना के आंकड़ों के साथ सड़क सुरक्षा अपराधियों के खिलाफ उठाए गए विभिन्न कदमों पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट दी । रिपोर्ट से पता चला कि गोलाघाट जिले में मोटर वाहनों से जुड़े 117 दुर्घटनाएं हुईं, जहां 57 लोगों की जान चली गई । 64 अन्य घायल हो गए। वहीं 30 मई से 5 अगस्त की अवधि के दौरान वाहन ओवरलोडिंग के 108 मामले सामने आए हैं ।








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