गुवाहाटी। असम का प्रतिबंधित संगठन अल्फा (स्वाधीन) ने कई दशकों बाद आज पहली बार स्वाधीनता दिवस को बहिष्कार नही करने का फैसला लिया। जबकि पिछले कई दशकों से अल्फा के द्वारा स्वाधीनता दिवस एवं गणराज्य दिवस के अवसर पर बहिष्कार की घोषणा एवं आम जनता को सभी कार्यक्रमों से दूर रहने की हिदायत दी जाती थी। शुरुआती दौर में स्वाधीनता दिवस नजदीक आते ही अल्फा की हिंसात्मक गतिविधियां शुरू हो जाती थी। लेकिन अब अल्फा के रुख में नरमी दिखाई दे रही है। कोविड-19 महामारी तथा असम समस्या के लिए किसी तरह का सशस्त्र प्रतिवाद भी अल्फा स्वाधीन नहीं करेगा।कयास लगाए जा रहे हैं कि अल्फा के इस नरम रुख से शांति वार्ता की आहट सुनाई दे रही है और अल्फा स्वाधीन के सेनाध्यक्ष परेश बरुआ के रूख में भी नरमी दिखाई दे रही है।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें