गुवाहाटी। ओलंपिक में प्रतिनिधित्व करने वाली प्रथम महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहाई ने सेमी फाइनल मुकाबला हारने के बाद भी एक इतिहास लिख दिया है। वह ब्रांज लेकर भारत लौटेगी। यह दूसरी महिला मुक्केबाज है जिसने पदक जीता है। इससे पहले 2012 में मणिपुर की मेरीकाम ने पदक जीता था। 69 केजी वजन के इस मुकाबले में लवलीना ने विश्व की नंबर वन तुर्की बुसेनाज सुरमेली के खिलाफ मुकाबला कर रही थी। लवलीना और बुसेनीज के बीच अब तक कोई बाउट नहीं हुई थी। बुधवार को इनके बीच पहली भिड़ंत हुई थी।बुसेनाज क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की अन्ना लाइसेंको को 5--0 से एकतरफा अंदाज में हराया था। लवलीना क्वार्टर फाइनल में चाइनीस ताइपे की चिन चेन को हराया था। चेन भी पूर्व वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है। गौरतलब है कि लवलीना ओलंपिक से पहले चेन के खिलाफ चार मुकाबला हार चुकी थी।








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