अमित नागोरी
गोलाघाट। प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता, कलाकार, वृत्तचित्र फिल्म निर्माता, अभिनेता और पेशे से डॉक्टर पद्मश्री डॉ रॉबिन बनर्जी की पुण्यतिथि आज गोलाघाट में मनाई गई। डॉ बनर्जी ने वर्ष 1937 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लिवरपूल में रॉयल नेवी में काम किया। द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त होने के बाद वे भारत लौट आए और स्थायी रूप से गोलाघाट में रहे। उन्होंने काजीरंगा की जैव विविधता और वन्य जीवन पर एक वृत्तचित्र बनाया जो वर्ष 1961 में बर्लिन टीवी पर प्रसारित किया गया था। उनकी डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से बाकी दुनिया को असम के प्रसिद्ध एक सींग वाले गैंडे और काजीरंगा के बारे में पता चला। बाद में उन्होंने तीस से अधिक वृत्तचित्र फिल्में बनाईं जिन्हें दुनिया भर में लोकप्रियता मिली। डॉ रॉबिन बनर्जी को भारत सरकार द्वारा वर्ष 1971 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने गोलाघाट में अपने घर में एक संग्रहालय बनाया था जहाँ कई जंगली जानवर, पक्षी, सरीसृप रखे मौजूद है । इस प्रकृति प्रेमी, पर्यावरण कार्यकर्ता, कलाकार, वृत्तचित्र फिल्म निर्माता और डॉक्टर का ९४ वर्ष की आयु में ६ अगस्त २००३ को निधन हो गया। आज उनकी पुण्यतिथि विवेकानंद केंद्र विद्यालय गोलाघाट के पास स्थित उनके आवास सह संग्रहालय में मनाई गई।
उनकी पुण्यतिथि पर उनके सहयोगी नीतीश दास, जीतू तामुली और उनके करीबी दिनेश गोगोई ने उन्हें याद किया। विवेकानंद केंद्र विद्यालय गोलाघाट ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और गीता पाठ का आयोजन किया।








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