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मानवता अभी भी मौजूद है: एक तेलंगाना आधारित संगठन और असम के एक युवा की कहानी

 


अमित नागोरी 


गोलाघाट। कल गोलाघाट के देरगांव थाना क्षेत्र के बाटीपोरिया गांव में लगभग पांच साल बाद अपने एक साथी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और गांव में एक भव्य स्वागत और अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया जहां तेलंगाना राज्य के चार लोगों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जो गांव के लोगों के लिए भगवान के समान हैं।


मानवता और मानव सेवा की यह वारदात साल 2017 में शुरू हुई थी। गोलाघाट के बाटीपोरिया गांव के सुनील गोगोई बेहतर नौकरी की तलाश में दक्षिण भारत गए थे। अचानक सुनील लापता हो गया और उसके परिवार के सदस्य उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। क़ई साल बीत गए और अंत में पत्नी, दो बच्चों और अन्य ग्रामीणों ने सुनील गोगोई के मिलने की आस त्याग दी और मृत मान लिया।  


लेकिन सुनील गोगोई जीवित था। उसे तेलंगना के खम्माम जिले से परित्यक्त अवस्था मे पुलिस ने बरामद किया और डॉ अन्नाम सेवा फाउंडेशन नामक संगठन के सुनील को सुपुर्द किया। उक्क्त संगठन गरीब, वृद्ध और मानसिक विकार ग्रस्त की देख रेख करते आ रहा है। 


सुनील गोगोई के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति ठीक नहीं थी और यादाश्त खो दिया था। ऐसे में डॉ अन्नाम श्रीनिवास राव संस्था के संस्थापक ने सुनील की उचित चिकित्सा की और उसके बारे में जानने की कोशिश की। 


सुनील के मुंह से मोला और गोलाई निकल रहा था और डॉ रॉव ने इंटरनेट के माध्यम से जानकारी निकालने की बहुत कोशिश की पर असफल रहे। इसके बाद निरन्तर उपचार से सुनील की हालत में सुधार आया और एक दिन आकस्मिक उसके मुंह से गोलाघाट निकला। फिर इसके बारे में जांच की गई और जिला मिल गया। 


अत्यंत प्रयास के बाद सुनील के गाँव के नाम का पता चला। फिर डॉ राव ने उनके एक मित्र जो गुवाहाटी में प्रवक्ता है को सम्पर्क किया। बिना देर किए प्रवक्ता ने सोसिअल मीडिया में उक्क्त घटना का जिक्र कर उसे सभी के साथ साझा किया। सौभाग्य से सुनील के गाँव के व्यक्ति ने गुवाहाटी के प्रवक्ता के साथ सम्पर्क कर सुनील के लापता की पुष्टि की। 


सुनील के बारे में सभी जानकारी प्राप्त कर अन्नाम फाउंडेशन के डॉ अन्नाम श्री निवास राव अपने तीन अन्य कर्मचारी के साथ तेलंगना से असम के गोलाघाट जिले के बाटी पोरिया तक का सफर तय किया। उन्होंने यात्रा 3 अगस्त को शुरू की और 3500 किलोमीटर की दूरी तय कर एम्बुलेंस में सुनील को लेकर गोलाघाट पहुंचे। 


गाँव के सभी लोगो के साथ सुनील के परिजनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और अन्नाम सेवा फाउंडेशन कि टीम का अभिनन्दन किया जिन्होंने एक मृत व्यक्ति को पुनःजीवन प्रदान किया। लगभग 5 वर्षों के बाद एक दूसरे से मिलने का आलम ही कुछ और था। 


डॉ अन्नाम श्रीनिवास राव ने सुनील और उसके परिवार को 50 हज़ार रुपये प्रदान किये ताकि वो अपनी जिंदगी नई सिरे से शुरू कर सके साथ ही 50 किलो चावल भी दिए। स्थानीय लोगो ने अन्नाम सेवा फाउंडेशन की सराहना की जिन्होंने वर्तमान समय मे खोते मानवता के दौर में मानवता अभी भी जिंदा है कि मिशाल पेश की। 


इसके बाद डॉ राव गोलाघाट के जिला कानून सेवा प्राधिकरण के नारयण कुरी से मिल कर अन्य कानूनी औपचारिकता पूर्ण की। उक्क्त वारदात हमें  दो प्रमुख पहलुओं के बारे में बताती है कि, मानवता अभी भी मौजूद है तथा  सामाजिक मीडिया में बहुत ताकत है यदि इसका सही इस्तमाल हो। 

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