गुवाहाटी। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के समग्र विकास के लिए संस्कृति और पर्यटन एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सोमवार को यहां एक होटल में पूर्वोत्तर क्षेत्र के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों के सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ सरमा ने कहा कि यह पहली बार है, जब डोनर मंत्री ही पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के प्रभारी भी हैं। यह हमारे क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी के नेतृत्व में विशेष रूप से पर्यटन और संस्कृति में पूर्वोत्तर के विकास को एक नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी राज्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, समानताएं साझा करते हैं, हालांकि उनकी अपनी अनूठी सांस्कृतिक विशेषताएं हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से, हालांकि यह क्षेत्र अविकसित रहा, इस क्षेत्र के विकास की कहानी को अटल बिहारी वाजपेयी के देश के प्रधान मंत्री बनने के बाद ही गति मिली। 90/10 पैटर्न के फंड आवंटन के साथ डोनर की स्थापना के साथ, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा शुरू की गई विकास गति को नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा एक नई गति मिली है।
डिमा हसाउ जिला की सुंदरता का उल्लेख करते हुए, डॉ सरमा ने कहा कि उमरांग्शू की विशेषता उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह के खूबसूरत स्थान बहुतायत हैं, लेकिन कनेक्टिविटी की कमी के कारण उन स्थानों को वह लाभ नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों के अच्छे संगठित नेटवर्क के बिना, पर्यटन क्षमता विकसित नहीं हो सकती। डॉ सरमा ने रेड्डी से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निवेश को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
डॉ सरमा ने कहा कि ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए 'ब्रांड नॉर्थ ईस्ट' की अवधारणा को लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए। अगर सभी राज्य मिलकर काम करें तो अगले पांच साल में इस क्षेत्र में अच्छी प्रगति हो सकती है।
सम्मेलन में उपस्थित पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत करते हुए, डॉ सरमा ने इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की मेजबानी के लिए गुवाहाटी को चुनने के लिए केंद्र को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और नए पर्यटन उत्पादों के विकास में सहयोग के लिए पर्यटन मंत्रालय और भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। दो दिवसीय सम्मेलन में पूर्वोत्तर क्षेत्र, आजादी का अमृत महोत्सव और उत्तर पूर्व सप्ताह में पर्यटन बुनियादी ढांचे, विपणन, प्रचार और कौशल विकास कार्यक्रमों के निर्माण पर ध्यान देने के साथ पर्यटन क्षेत्र के विकास पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में सचिव, पर्यटन मंत्रालय अरविंद सिंह ने सम्मेलन में स्वागत भाषण दिया, जबकि केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और डोनर, संस्कृति केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, संस्कृति तथा संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पर्यटन और रक्षा केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय की महानिदेशक गंजी कमला वर्धन राव, मुख्य सचिव जिष्णु बरुवा और केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








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