गुवाहाटी। गुवाहाटी के पांडू इलाके में दुर्गा पूजा के अवसर पर मंगलवार को महासप्तमी पूरे उमंग और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। माता के दर्शन के लिए पंडालों का द्वार खुलते ही भक्त दर्शन और पूजन के लिए पहुंचने लगे। पांडू स्थित रिवर साइड स्पोर्टिंग क्लब इस बार 111वें वर्ष में पूजा का आयोजन किया है।
यह पूजा इलाके की सबसे प्राचीन पूजा है। जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। रिवर साइड स्पोर्टिंग क्लब के सदस्यों का कहना है कि इस बार पूजा बहुत सादगी से सरकारी नीति निर्देशों के अनुसार आयोजित गया है। रविवार को पंडाल का उद्घाटन किया गया। हालांकि, कोरोना नियमों के चलते इस बार विशाल और भव्य पंडाल नहीं बनाए गये हैं। सरकारी गाइड लाइन का पालन करते हुए पूजा हो रही है। बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और उमंग में कोई कमी नहीं है। रिवर साइड स्पोर्टिंग क्लब में परंपरागत तरीके से दुर्गा पूजा पिछले 110 साल से होती आ रही है। पिछले एक सदी से यहां के लोग मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर पूजा करते आ रहे हैं। इलाके के लोग बड़े उत्साह से इस पूजा में भाग लेते हैं।
पांडू एवं मालीगांव के विभिन्न इलाकों में सादगी से विभिन्न मंदिर व पंडालों में सरकारी नियमों का पालन करते हुए पूजा मनाई जा रही है। पूजा पंडालों के नीलांचल पहाड़ स्थित कामाख्या मंदिर सहित विभिन्न मंदिर जैसे मालीगांव कालीबारी, रेस्ट कैम्प कालीबारी, गौशाला देवकोटा नगर में स्थित वैष्णो देवी मंदिर, लोकनाथ मंदिर, नीलांचल पहाड़ी पर स्थित वन दुर्गा मंदिर में परंपरागत रीति-नीति के साथ दुर्गा पूजा मनाया जा रहा है। (हि.स.)







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