ओम प्रकाश तिवारी व राजेश राठी
लखीमपुर। लखीमपुर जिले के कृष्ण गोकुलम की लखीमपुर जिला समिति ने रविवार सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक शहर की एटी रोड पर तुलसी के पौधों के गुणों को लेकर लोगों के मध्य तुलसी के पौधे वितरण कर एक सजगता अनुष्ठान का आयोजन किया । उक्त अनुष्ठान का शुभारंभ रमेश सारडा ने दीप प्रज्वलित कर किया जिसमें धर्म जागरण के प्रांतीय प्रमुख योगेश शास्त्री, कृष्ण गोकुलम के जिला अध्यक्ष घनो कांत शर्मा के अलावा कृष्ण गोकुलम के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे । इस अनुष्ठान के माध्यम से उन्होंने लोगों के मध्य तुलसी के पौधों के अलावा रास्ते से गुजरने वाले लोगों के मध्य एक-एक प्रतिलिपि भी वितरण की जिसके माध्यम से उन्होंने औषधीय से परिपूर्ण तुलसी के पौधे की पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अहम भूमिका होने का महत्व लोगों के समक्ष रखा । उक्त प्रतिलिपि के माध्यम से उन्होंने यह कहा कि तुलसी का पौधा एक ऐसा पौधा है जिसके पास ना तो सर्प आता है और ना ही बिसा और रोग कारक जीवाणु आते हैं । उन्होंने यह भी कहा कि तुलसी का पौधा औषधियों का भंडार है तथा उक्त पौधे के पत्ते और उसके बीज (दाने) इत्यादि का सेवन करने से सर्दी खांसी, सांस लेने की नली में जमे हुए कफ, मलेरिया, चर्म रोग, इत्यादि जैसी अनगिनत बीमारियां ठीक हो जाती है । उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे की पूजा अर्चना बहुत पहले से की जा रही है जिसको कई लोग अंधविश्वास भी कहते हैं लेकिन वैज्ञानिकों की दृष्टिकोण से अर्थात स्वास्थ्य विज्ञान के अनुसार तुलसी के पौधे की पूजा करना काफी लाभदायक माना गया है । उनके अनुसार भी तुलसी एक कीटाणु नाशक पौधा होने के साथ-साथ कई औषधियों का भंडार भी है । पर्यावरण का संरक्षण करने हेतु कृष्ण गोकुलम की ओर से सभी पर्यावरण प्रेमियों से अपने अपने घरों में पर्यावरण को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाने वाले तुलसी के पौधों को लगाकर दूषित हो रहे पर्यावरण की रक्षा करने हेतु चलाए गए इस अभियान में सहयोग देने का अनुरोध किया । क्योंकि उन्होंने कहा कि किसी भी जीव को जीने के लिए शुद्ध पर्यावरण की आवश्यकता होती है ।







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