ओम प्रकाश तिवारी व राजेश राठी
लखीमपुर। लखीमपुर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया काती बिहू अर्थात कंगाली बिहू । इस पावन अवसर पर आज किसानों ने श्रद्धा पूर्वक भाव से अपने अपने खेतों में जाकर अच्छी फसल होने की कामना करते हुए खेतों में दीपक जलाए तथा लक्ष्मी स्वरूप ग्रहणीयो ने अपने अपने बच्चों एवं परिवार के साथ घरों में तुलसी के पौधे के नीचे अपने परिवार की मंगल कामना करते हुए दीपक जलाकर प्रार्थना की । बिहू असम का जातीय उत्सव है जिसको असम का प्रत्येक नागरिक बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाते आ रहा है । असम एवं असम वासियों के प्राणों से भी प्रिय बिहू उत्सव का आयोजन असमवासी साल में तीन बार अलग-अलग रूप से करते आ रहे हैं । जिसमें काती बिहू अर्थात कंगाली बिहू एक है । किसान अपने अपने खेती कार्य से निवृत्त होकर इस बिहू का बड़े हर्ष उल्लास के साथ आयोजन करते हैं । काती बिहू को विश्वास का प्रतीक माना गया है क्योंकि इस बिहू के दिन किसान विश्वास के साथ अपने अपने खेतों में दीपक जलाकर प्रार्थना करते हैं कि उनके खेतों में फसल अच्छी से अच्छी हो ।







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