गुवाहाटी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कहा है कि राज्य के पांच विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भले ही कांग्रेस की पराजय हुई है, लेकिन इन विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने में इसे सफलता मिली है।
उपचुनाव के परिणाम आने के बाद मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का इन सीटों पर पराजित होना स्वाभाविक ही था, क्योंकि कांग्रेस के कैप्टन ही पार्टी के साथ दगाबाजी करते हुए भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में रूप ज्योति कुर्मी, सुशांत बूढ़ागोहाईं जैसे नेता 15 वर्षों से कांग्रेस को नेतृत्व दे रहे थे। लेकिन, अचानक कांग्रेस की टिकट पर चुनाव के बाद पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ भाजपा में इनके चले जाने से स्वाभाविक रूप से कांग्रेस के सामने कठिन परिस्थिति उत्पन्न हो गई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह उपचुनाव सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा थोपा गया था। इस चुनाव के लिए कांग्रेस किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को विपक्ष में रहते हुए भी जनता ने जिस प्रकार इस चुनाव में वोट दिया है, वह कांग्रेस के लिए बेहद संतोष का विषय है। इसके लिए राज्य की जनता धन्यवाद का पात्र है। भूपेन बोरा ने कहा कि जनता को सत्तारूढ़ भाजपा ने विश्वास दिलाया कि वह इन क्षेत्रों का विकास करेगी और इसी विश्वास पर जनता ने भाजपा को वोट दिया है।
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए दो-दो हजार करोड़ रुपये देने के साथ ही इन क्षेत्रों के विकास के लिए जो लंबे-चौड़े वादे चुनाव के मौके पर किए हैं, आने वाले समय में उसका क्रियान्वयन करवाने के प्रति कांग्रेस तत्पर होकर जनता के साथ खड़ी रहेगी।
एक प्रश्न के उत्तर में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के मौके पर कांग्रेस ने जिस प्रकार महागठबंधन को भंग करने का फैसला लिया था, उस पर आज भी अटल है। उन्होंने कहा कि राइजर दल के अलावा किसी भी अन्य पार्टी के साथ कांग्रेस कोई भी गठबंधन करने के पक्ष में नहीं है। राज्य की सभी 126 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव आ जाने की वजह से पार्टी का सांगठनिक कार्य 100 दिन पीछे चला गया। कल से कांग्रेस हर स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के कार्य में फिर से जुट जाएगी। (हि.स.)







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