गुवाहाटी। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने आज (सोमवार को) जनता भवन (असम सचिवालय) में राज्य के प्रमुख सीमेंट और स्टील निर्माताओं के साथ बैठक की। बैठक में सीमेंट और इस्पात उद्योगों के सामने आने वाले सभी मुद्दों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई और उन मुद्दों को कम करने के लिए समाधान और रणनीतियों पर निर्णय लिये गये।
टॉपसेम सीमेंट, स्टार सीमेंट, डालमिया सीमेंट जैसी सीमेंट कंपनियों ने कोयले की भारी कमी, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, लॉजिस्टिक्स, इनपुट फ्रेट आदि जैसे मुद्दों को विस्तार से बताया। इसी तरह, इस्पात उद्योग के प्रतिनिधियों ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि और आयात से संबंधित सेक्टर के लिए आवश्यक सामग्री को लेकर अंतरराष्ट्रीय घटनाओं जैसे मुद्दों को उठाया। उद्योग मंत्री पटवारी ने कहा, 'सीमेंट उद्योग के लिए कच्चा माल राज्य में उपलब्ध है। कंपनियों ने कर छूट, परिवहन सब्सिडी आदि जैसे सरकारी समर्थन का भी लाभ उठाया है। इसलिए इन कंपनियों को राज्य के लोगों को लाभ देना चाहिए और अनावश्यक और कृत्रिम मूल्य वृद्धि से बचना चाहिए।' मंत्री ने आगे कहा कि असम में सीमेंट की कीमत में मेघालय और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में अनुचित रूप से अधिक वृद्धि नहीं होनी चाहिए।
मंत्री पटवारी ने कंपनियों को मुनाफा बढ़ाने के लिए ओवरलोडिंग से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने परिवहन विभाग को ओवरलोडेड सीमेंट ले जाने वाले ट्रकों के मामले में मोटर वाहन कानूनों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि परिवहन अधिकारी नियमित रूप से सीमेंट कारखानों, सीमेंट भंडारण और गोदामों आदि के परिवहन नेटवर्क की जांच करेंगे। पटवारी ने कहा, 'कंपनियों को संबंधित प्राधिकरण के साथ सीमेंट भंडारण और गोदामों का विवरण साझा करना चाहिए।' मंत्री ने केडी आयरन एंड स्टील, मां दुर्गा स्टील आदि जैसी स्टील कंपनियों के प्रतिनिधियों से असहमति जताते हुए कहा कि विभाग स्टील उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी पर कड़ी नजर रखे हुए है। पटवारी ने कहा, 'इस्पात की कीमत बाजार की गतिशीलता पर निर्भर है, लेकिन राज्य के लोगों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए अच्छी तरह से विनियमित, उदार होना चाहिए।' डॉ. केके द्विवेदी, प्रमुख सचिव; मानवेंद्र प्रताप सिंह, सचिव; उद्योग और वाणिज्य आयुक्त ओइनम सरनकुमार सिंह; बैठक में परिवहन आयुक्त आदिल खान भी मौजूद थे। (हि.स.)







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