अमित नागोरी
गोलाघाट जिले में सड़क हादसों ने गंभीर समस्या का रूप ले लिया है। पिछले चार वर्षों में गोलाघाट जिले में 967 सड़क हादसों में कुल मिलाकर 441 लोगों की जान जाने की खबर है ।
जिला परिवहन अधिकारी दिव्यज्योति कारजी की रिपोर्ट के अनुसार ने बताया कि इस साल जनवरी से नवंबर तक जिले में 199 हादसों में 105 लोगों की जान चली गई । जिले में वर्ष 2020 में हुए 211 हादसों में 89 लोगों की जान गई। वही सन 2019 मेंं 284 दुर्घटनाओं में 119 लोगो तो सन 2018 में 273 दुर्घटनाओं में 128 लोगो की जान जाने की खबर है ।
वर्तमान में गोलाघाट जिले में इस वर्ष सड़क दुर्घटना दर में 9.55 प्रतिशत की कमी आई है। जिले में सड़क हादसों को कम करने के लिए 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक गोलाघाट जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा । इस सम्बंध में एक बैठक गोलाघाट के जिला उपायुक्त कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई थी ।
उपायुक्त मृगेश नारायण बरुआ ने पुलिस, आबकारी विभाग और जिला परिवहन विभाग को इन नौ दिनों में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया । उन्होंने यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को दुर्घटनाओं में किसी की जान न जाए । बैठक में सड़क हादसों को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर (रिफ्लेक्टर स्ट्रिप) लगाने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
सड़क सुरक्षा बलों और यातायात पुलिस कर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने और असमिया और हिंदी में प्राथमिक चिकित्सा पुस्तिकाएं प्रकाशित करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में इस सम्बन्ध में एक कमेटी का भी गठन किया गया। जिला उपायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की दर को कम करने के लिए ऐसे मार्गों पर ई-रिक्शा को रोकने का भी आह्वान किया। उपायुक्त ने गोलाघाट में चलने वाले ई-रिक्शा में संकेतकों का उपयोग करने के भी निर्देश जारी किए ।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त कुलदीप हजारिका, गोलाघाट सदर अनुमंडल पदाधिकारी डॉ संगीता बोरठाकुर, विद्यालय निरीक्षक डॉ समीरन बोरा सहित अन्य विभाग में पुलिस, यातायात पुलिस, आबकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग आदि उपस्थित थे ।








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