-विधायक शेरमान अली अहमद का एआईयूडीएफ में शामिल होना तय
गुवाहाटी। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) को इन दिनों लगातार झटके पर झटके लग रहे हैं। उसके विधायक एक-एक कर पार्टी को छोड़ते जा रहे हैं। सोमवार को असम विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन जहां रोहा के विधायक शशिकांत दास ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया, वहीं कांग्रेस से निलंबित विधायक शेरमान अली अहमद का एआईयूडीएफ में शामिल होना लगभग तय हो गया है। एआईयूडीएफ की बरपेटा जिला कमेटी द्वारा बरपेटा गेस्ट हाउस में शेरमान अली अहमद के जोरदार स्वागत से इस बात की पुष्टि हुई।
एआईयूडीएफ हाईकमान के आदेश के बाद बरपेटा जिला कमेटी ने आज बरपेटा गेस्ट हाउस में बाघबर के विधायक शेरमान अली अहमद का विशेष रूप से स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि शेरमान अली ने उप चुनावों के दौरान विवादित बयान दिया था, जिसके चलते पूरे राज्य में उनका भारी विरोध हुआ था। कांग्रेस ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा था। शेरमान ने कोई जवाब नहीं दिया, इसी बीच उन्हें पुलिस ने उनके बयानों को लेकर दर्जा कराई गई प्राथमिकी के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कई महीनों तक शेरमान अली जेल में रहे। हाल ही में वे जमानत पर रिहा हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि शेरमान अली 24 दिसंबर को एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से मुलाकात करेंगे। समझा जाता है कि इस मुलाकात के दौरान उनके पार्टी में शामिल होने की तारीख भी तय हो जाएगी। सूत्रों ने बताया कि शेरमान अली अहमद दिसंबर में होने वाले विधानसभा अधिवेशन के तुरंत बाद विधायक पद से त्यागपत्र देंगे। अगले मार्च माह में होने वाले संभावित उपचुनाव में शेरमान अली अहमद बाघबर सीट से एआईयूडीएफ उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
दूसरी ओर शेरमान अली अहमद को कथित तौर पर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बरपेटा लोकसभा क्षेत्र से एआईयूडीएफ का उम्मीदवार बनाए जाने की भी बात कही गयी है। शेरमान अली फिर से एआईयूडीएफ में शामिल होने जा रहे हैं। एआईयूडीएफ को छोड़कर वे कांग्रेस में शामिल हुए थे। शेरमान अली के एआईयूडीएफ में शामिल होने की बात से पार्टी नेताओं और समर्थकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
असम प्रदेश कांग्रेस को छोड़कर जाने वाले विधायकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले दिनों मोरियानी के विधायक रूपज्योति कुर्मी और थाउरा के विधायक सुशांत बूढ़ागोहाईं पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये। दोनों नेता उप चुनाव में पुनः जीतकर भाजपा के विधायक बन गये हैं। (हि.स.)







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें