अरुणा अग्रवाल
रंगिया के निकटवर्ती उदियाना गांव के भकततोला सुबुरी के स्व. हरेन कलिता और लावण्य कलिता के इकलौते पुत्र बिपुल कलिता ने पूरे क्षेत्र में मानवता की मिसाल कायम की हैं। कलिता लंबे समय से विशेष रूप से सक्षम लोगों (दिव्यांग) की विभिन्न तरीकों से मदद करते आ रहे हैं। इनमें दिव्यांग प्रमाण पत्र, यूडीआईडी, दिव्यांग पेंशन आदि उपलब्ध करवाकर विशेष रूप से सक्षम लोगों के लिए मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2019 में मोरीगांव के भुरगांव में भीषण आग से प्रभावित एक सौ से भी अधिक लोगों को इन्होंने वस्त्र प्रदान करवाया। जब कोई असहाय व्यक्ति संकट में होता है तो कलिता उसके पास आकर उसकी समस्या का समाधान करने की कोशिश करते है। कुछ ही दिनों पहले कामरूप जिले के कमलपुर क्षेत्र स्थित लेजा के एक प्रतिभाशाली छात्र की पढ़ाई की दिक्कतों को देखते हुए उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से छात्र को मोबाइल फोन, किताबें, कॉपियां आदि मुहैया करायी साथ ही रंगिया और आसपास के इलाकों में इधर-उधर घूम रहे मानसिक रूप से विकारग्रस्त और घर-द्वार विहीन दरिद्र लोगों को उन्होंने साफ सुथरा किया। बिपुल कलिता की इस महानुभूवता की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा की जा रही है।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें